शनिधाम मन्दिर में चल रही रामकथा में कथाचार्य ने सातवे दिन सुनाई ये कथा,,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन क्षेत्र के शनिधाम मंदिर में 11 दिवसीय रामकथा के सातवें दिन प्रभु श्रीराम की सुग्रीव से मित्रता और बाली वध का प्रसंग कथा वाचक गुरू प्रसाद ने सुनाया। श्रृद्धालुओं से प्रभू श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की।
गूढ़ा न्यामतपुर स्थित शनिधाम मंदिर में जारी 11 दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन का आयोजन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कथा वाचक गुरु प्रसाद महाराज ने भगवान श्रीराम और वानरराज सुग्रीव की मित्रता, बाली वध और भक्त हनुमान के समर्पण पर गहन प्रकाश डाला। बताया कि जब भगवान श्रीराम ऋष्यमूक पर्वत पर पहुंचे, तो उनकी भेंट वानरराज सुग्रीव से हुई। सुग्रीव अपने भाई बाली के भय से वन-वन भटक रहे थे। भगवान राम ने सुग्रीव को आश्वस्त किया कि वे न्याय और धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। उन्होंने बाली के अन्याय और उसके भाई सुग्रीव पर किए गए अत्याचार का विस्तार से वर्णन किया। श्रीराम ने धर्म और न्याय की रक्षा के लिए बाली का वध किया और सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया। इस प्रसंग से उन्होंने यह शिक्षा दी कि अधर्म चाहे कितना भी बलशाली क्यों न हो, सत्य और धर्म की विजय निश्चित होती है। कथा के अंत में महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालु भगवान श्रीराम और हनुमानजी के जयकारे लगाते रहे। भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे। इस मौके पर पुजारी बृजेश तिवारी, अनुभव, विनोद, विनय, आशीष, महेंद्र, गोलू, अनिल, अशोक, मुन्ना, जानकी, रागिनी, आरती आदि मौजूद रहे।

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