रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन नगर के लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में आयोजित नव दिवसीय शिव महापुराण कथा के सातवें दिन साध्वी समाहिता दीदी ने भगवान शिव की महिमा, ज्ञान और वैराग्य से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया।
कथा वाचक साध्वी समाहिता दीदी ने बताया कि भगवान शिव केवल देवों के देव नहीं, बल्कि वे संपूर्ण सृष्टि के कल्याणकर्ता हैं। उन्होंने शिव के त्रिनेत्र का महत्व बताते हुए कहा कि यह अज्ञान, अहंकार और आसक्ति के विनाश का प्रतीक है। जब मनुष्य के भीतर ज्ञान का प्रकाश जागृत होता है, तब उसका जीवन स्वतः ही धर्म और सत्य के मार्ग पर अग्रसर हो जाता है। शिव महापुराण में कहा गया है कि जो व्यक्ति निष्काम भाव से भगवान शिव की उपासना करता है, उसके जीवन के समस्त कष्ट धीरे-धीरे दूर हो जाते हैं। इसलिए शिव की भक्ति में बाहरी आडंबर से अधिक मन की शुद्धता आवश्यक है। उन्होंने शिवलिंग के स्वरूप का वर्णन करते हुए बताया कि शिवलिंग सृष्टि के आरंभ और अंत का प्रतीक है, जो यह सिखाता है कि जीवन नश्वर है और आत्मा अमर है। इस मौके पर कैलाशी, मीना देवी, अंजना, रजनी, नैना, भावना अरोड़ा, अमित गुप्ता, विष्णु अग्रवाल, दीपू पुरवार, श्यामजी गुप्ता आदि रहे।







