रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन क्षेत्र में बासंतिक नवरात्र के तीसरे दिन नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में मां के तीसरे स्वरूप, मां चंद्रघंटा की भक्ति-भाव से पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। जय माता दी के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया और घंटे-घड़ियाल, शंख और नगाड़ों की ध्वनि गूंजती रही।
नगर के छोटी माता मंदिर, बड़ी माता मंदिर, अलखिया मंदिर, संतोष माता मंदिर, पहाड़पुरा स्थित कामांक्षा माता, हुल्की माता, छठी माता मंदिर सहित नगर व ग्रामीण क्षेत्र के सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन के लिए पहुंचने लगे। महिलाओं ने रोली, चंदन, नारियल, फूल, फल और मिष्ठान चढ़ाकर देवी की आराधना की। भक्तों ने माता रानी से सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की। इस दौरान पूरे नगर में देवी भक्ति की लहर देखने को मिली। मंदिरों में सुबह और शाम की आरती के दौरान शंख, झालर, ढोल और नगाड़ों की ध्वनि से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालु माता के भजन और मंत्रोच्चारण में मग्न दिखे। मंदिरों के अलावा घरों में भी मां चंद्रघंटा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। घरों और मंदिरों में देवी गीत बजने से नगर पूरी तरह भक्ति में सराबोर नजर आया। पंडित देवेंद्र दीक्षित के अनुसार, मां चंद्रघंटा शांति, शक्ति और साहस की देवी हैं। इनकी पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और भक्तों को साहस और आत्मबल की प्राप्ति होती है।
