रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today । शारदीय नवरात्र के पांचवे दिन मंदिरों में बज रहे मां के गीतों व जयकारों से नगर का माहौल भक्तिमय हो गया। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में सजे 63 दुर्गा पंडालों एवं देवी मंदिरों पर मां के पांचवे स्वरूप ‘स्कंदमाता’ की पूजा अर्चना की गई।
नवरात्र को लेकर नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में पूजा अर्चना का दौर चल रहा है। पांचवे दिन देवी माता के पांचवे स्वरूप स्कंदमाता की पूजा अर्चना के लिए सुबह से ही भक्त मंदिरों में पहुंचने लगे। पंचमी के मौके पर मंदिरों व पंडालों को आकर्षित करने के लिए विशेष रूप से सजाया गया और मां श्रृंगार किया गया। झांकी देखने आए भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। दुर्गा पंडालों और देवी मंदिरों पर बज रहे भक्तिगीतों और माता के जयकारों से पूरा नगर मां की भक्ति में डूबा नजर आया। नगर के प्राचीन बड़ी माता मंदिर, छोटी माता मंदिर, संतोषी माता, छठी माता मंदिर समेत कामाक्षा देवी, समेत हरीपुरा, कुंअरपुरा, उरगांव, औरेखी, सहाव, सुढ़ार, लहचूरा, सिकरीराजा, लौना, छानी, भदवां आदि में स्थित देवी मंदिरों पर देवी मां के पांचवे स्वरूप के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। पंडित अरविंद बाजपेई ने बताया कि मां स्कंदमाता कमल पर विराजमान रहती हैं। मां की गोद में छह मुख वाले स्कंद कुमार विरामान रहते हैं। मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और शत्रुओं का विनाश होता है।





