पिता के 86 वे जन्मदिन पर बेटे ने लिया ये संकल्प,, इस दुःख की घड़ी में नही रहेगा कोई प्यासा

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । धर्म, सेवा और संवेदना की नगरी जालौन में मानवता को मजबूत करने वाला एक अनुकरणीय उदाहरण सामने आया है। नगर के समाजसेवी सेठ द्वारिका दास माहेश्वरी के 86वें जन्मदिवस के अवसर पर उनके परिवार द्वारा जनसेवा से जुड़ी एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल की जा रही है, जिसकी नगर में सराहना हो रही है।
धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं के अनुसार अंतिम संस्कार के समय उपस्थित लोगों की गई सेवा को महापुण्य का कार्य माना जाता है। इसी भाव को केंद्र में रखकर नगर में एक नई पहल की शुरुआत की गई है। सेठ द्वारिका दास माहेश्वरी के बेटे विनय कुमार माहेश्वरी द्वारा उनके 86वें जन्मदिन पर जनहित में श्मशान घाटों पर निःशुल्क जलापूर्ति सेवा का शुभारंभ किया जा रहा है। इस सेवा के जरिए जालौन नगर के किसी भी श्मशान स्थल पर अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित लोगों को आवश्यकता अनुसार शीतल पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। विनय कुमार माहेश्वरी ने बताया कि शोक की घड़ी में अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को कई बार बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में जल जैसी आवश्यकता की पूर्ति करना मानवीय कर्तव्य है। पिता के 86वें जन्मदिवस पर परिवार का संकल्प है कि श्मशान पहुंचने वाला कोई भी व्यक्ति प्यासा न रहे। इस सेवा को प्रभावी और समयबद्ध रूप से संचालित करने के लिए उन्होंने नगर के लोगों से अपील की है कि नगर में कहीं भी अंतिम संस्कार की सूचना मिलने पर समय और स्थान की जानकारी साझा की जाए। सूचना मिलते ही संबंधित श्मशान घाट पर पर्याप्त मात्रा में पानी की बोतलें पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे जल सेवा समय पर उपलब्ध कराई जा सके।