(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । ओटीएस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को छूट के लिए मात्र तीन दिन बचे हुए हैं। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष बकाएदारों के ओटीएस में पंजीकरण काफी कम हुए हैं। इसे देखते हुए बिजली विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। तहसील क्षेत्र के सात गांवों की बिजली काटने से गांवों में दो दिन से अंधेरा पसरा हुआ है। सिंचाई के लिए ट्यूबबैल भी नहीं चल पा रहे हैं।
तहसील क्षेत्र के ग्राम नैनपुरा ,मकरंदपुरा, हरक्का, खजुरी, वीरपुरा, करनपुरा, शेखपुरा खुर्द में दो दिन से अंधेरा पसरा हुआ है। किसान व ग्रामीण रामकिशन, वीरपाल, महेंद्र, रविंद्र, सोनू, ओछेलाल, शिवपाल, छिमानंद, शिव नारायण, उदयवीर, मान सिंह, सुरेश, शिवाजी, महेश, श्याम सुंदर, अनूप, मंगल सिंह आदि ने बताया कि मंगलवार की सुबह उनकी गांवों की लाइन काट दी गई। जिसके बाद से इन गांवों में अंधेरा छा गया। इस समय फसलों की सिंचाई भी चल रही है। ट्यूबबैल से किसान फसलों की सिंचाई कर रहे थे। लेकिन बिजली न आने से ट्यूबबैल भी नहीं चल पा रहे हैं। जिससे फसलों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। उधर गांवों में भी न तो लोग सबमर्सिबल पंप चला पा रहे हैं और न ही मोबाइल चार्ज कर पर रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण काफी परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने लाइनमैन से पूछा तो लाइनमैन ने बताया कि ओटीएस योजना के अंतर्गत बकाएदारों को बिल जमा करने पर सरचार्ज पर छूट दी जा रही है। छूट मिलने के बाद भी लोग बिल जमा नहीं कर रहे हैं और योजना का लाभ नहीं उठा रहे हैं। पंजीकरण के लिए मात्र तीन दिन बचे हुए हैं। इसलिए बिजली विभाग कार्रवाई कर रहा है। ताकि बकाएदार अपने बिल जमा करें। उच्चाधिकारियों के आदेश पर लाइट काटी गई है। इसको लेकर जब एसडीओ कौशलेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त गांव उनके क्षेत्र में नहीं है। इसलिए उनके बारे में जानकारी नहीं है।
आधार कार्ड बनाने व संशोधन के कार्य मे मनमानी का लोगों ने लगाया ये आरोप
जालौन। नगर में आधार कार्ड बनाने के लिए बैंकों में आधार केंद्र चल रहे हैं। आधार कार्ड बनाने व संशोधन के चल रहे केंद्रों पर संचालक मनमानी कर रहे हैं। बच्चों के नए आधार कार्ड बनाने के नाम पर रुपये वसूल किए जाने के आरोप लग रहे हैं।
नगर में आधार कार्ड बनाने व संशोधन के लिए नगर कई केंद्र संचालित हो रहे। भारत संचार निगम लिमिटेड कार्यालय, इंडियन बैंक की मंडी शाखा, उप डाक घर, प्राइवेट बैंकों समेत कई जगह पर चल रहे। आधार बनाने व संशोधन के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने शुल्क निर्धारित कर रखा है। इसके बाद भी केंद्र संचालक मनमाने ढंग से रुपये वसूल कर रहे हैं जो झगड़े का कारण बनता जा रहा है। नए आधार कार्ड बनाना निशुल्क है। इसके बाद भी केंद्र संचालक बच्चों के आधार कार्ड बनाने के नाम पर 100-100 रुपये वसूलने के आरोप हैं। अगर कोई व्यक्ति अवैध वसूली का विरोध तो केंद्र संचालक आधार न बनाने की धमकी देते है। समाजसेवी रत्नेश लाक्षाकार, प्रदीप परिहार, दीपक सोनी, मनीष ने डीएम, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को शिकायती भेजकर बताया कि कि नगर में नए आधार बनवाने एवं आधार में संशोधन कराने के लिए जो केंद्र बनाए गए हैं। उनमें संचालक मनमर्जी से दाम वसूल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ केंद्र संचालक नए आधार बनवाने के लिए रुपये की मांग करते हैं। जबकि नए आधार कार्ड को निशुल्क बनाया जाना चाहिए। इसी प्रकार संशोधन में भी मनमर्जी से शुल्क वसूलते हैं। जबकि संशोधन के लिए सरकार द्वारा शुल्क का निर्धारण किया गया है। कहा कि उच्चाधिकारियों के नंबर केंद्रों पर अंकित न होने से उपभोक्ता शिकायत भी नहीं कर पाते हैं। उन्होंने आधार केंद्र पर उच्चाधिकारियों के मोबाइल नंबर एवं आधार संशोधन की दर सूची केंद्र पर अंकित कराने की मांग डीएम से की है।





