आपदा पूर्व चेतावनी, त्वरित प्रतिक्रिया एवं राहत कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए – प्रमुख सचिव राजस्व

E-Magzine – उत्तम पुकार न्यूज़
Lucknow news today । प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू ने बुधवार को राहत आयुक्त संगठन एवं एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र का विस्तृत निरीक्षण करते हुए केन्द्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र में उपयोग किए जा रहे सॉफ्टवेयर, पोर्टल, निगरानी प्रणाली एवं अर्ली वार्निंग सिस्टम की कार्य प्रणाली को परखा तथा कार्य कर रहे टेली-कॉलर्स एवं संबंधित अधिकारियों से संवाद स्थापित कर उनके दायित्वों एवं कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त प्राप्त की।

प्रमुख सचिव राजस्व ने राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा संचालित पोर्टल के माध्यम से कंबल वितरण, अलाव, रैन बसेरा आदि की हो रही प्रतिदिन मॉनिटरिंग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निराश्रित एवं आश्रय विहिन व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर रैन बसेरों में रखा जाए। उन्होंने राहत आयुक्त कार्यालय के कार्यों की समीक्षा करते आपदा न्यूनीकरण हेतु विभिन्न परियोजनाओं में पूर्व से आवंटित बजट का शत प्रतिशत उपयोग करते हुए आगामी वित्तीय वर्ष हेतु बजट का प्राविधान अभी से तैयार करने का निर्देश दिया।
प्रमुख सचिव द्वारा राहत आयुक्त कार्यालय एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए दोनों कार्यालयों के रिक्त पदों को अतिशीघ्र भरे जाने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रतिनियुक्ति के रिक्त पदों के संबंध में संबंधित विभाग (सिंचाई, अग्निशमन विभाग, चिकित्सा विभाग, पीएसी, पुलिस, नगर विकास विभाग आदि) के विभागाध्यक्षों से समन्वय स्थापित करते हुए यथाशीघ्र रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए। राहत आयुक्त डॉ० हृषिकेश भास्कर याशोद ने बताया कि प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन हेतु विज्ञापन जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सम्बंधित विभाग के विभागाध्यक्षों को अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है तथा सर्कुल जारी कर आपदा से संबंधित पदों पर तैनाती के सम्बन्ध में सर्कुलर जारी किया गया है l
प्रमुख सचिव ने राहत आयुक्त कार्यालय एवं प्राधिकरण को वार्षिक कार्य योजना तैयार कर उसक अनुरूप कार्य निष्पादित करने के निर्देश दिए। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के संबंध में उन्होंने नेपाल, उत्तराखंड एवं जम्मू-कश्मीर में संचालित आपात कालीन केंद्रों का अध्ययन कर उनकी श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों (best practices) को उत्तर प्रदेश में अपनाने पर बल दिया। साथ ही, उन राज्यों के आपात कालीन केंद्रों का भी अध्ययन करने के निर्देश दिए, जहां उत्तर प्रदेश के समान प्रकार की आपदाएं आती हैं, विशेष रूप से जहां नवीनतम तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
प्रमुख सचिव, राजस्व ने पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आमजन को ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाए। उन्होंने प्रभावी हीट एक्शन प्लान तैयार किये जाने के क्रम में कहा इस प्लान में अधिकाधिक पौधा रोपण करने तथा सरकारी व निजी भवनों में एलईडी लाइटों के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रभावी उपायों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा नियंत्रण एवं प्रबंधन में नवीनतम तकनीकों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे आपदा पूर्व चेतावनी, त्वरित प्रतिक्रिया एवं राहत कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
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