Lucknow news today । वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय लोक दल ने तैयारी शुरू कर दी है। और इसकी रणनीति बनाने को लेकर आगामी पांच दिसंबर को राष्ट्रीय लोकदल प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी मौजूद रहेंगे. राष्ट्रीय लोग दल के सभी सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, क्षेत्रीय अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष और सभी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बैठक का हिस्सा होंगे। यह जानकारी शनिवार को राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी है। मीडिया से बात करते हुए श्री राय ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल प्रदेश की एक दर्जन लोकसभा सीटों पर लड़ने की अपनी तैयारी में जुट गया है. ऐसी दो दर्जन सीटों पर बूथ कमेटियों का गठन शुरु कर दिया गया है जो 31 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा. इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अपराध नियंत्रित करने में विफल है. यूपी में रामराज नहीं, बल्कि रावण राज है.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल 23 दिसंबर को चौधरी चरण सिंह की जयंती किसान दिवस से 24 जनवरी 2024 कर्पूरी ठाकुर जयंती तक एमएसपी पर कानून, गन्ना मूल्य बढ़ाने के साथ लगभग एक लाख खाली सरकारी पदों पर स्थाई भर्ती किए जाने, छत्रसंघों की बहाली, किसानों को कृषि कार्य के लिए मुफ्त सिंचाई की सुविधा और लोकतंत्र बचाने की मांग को लेकर लोक जन जागरण अभियान चलाएगा. जिलों में पदयात्राएं, साइकिल यात्राएं, बाइक यात्रा, नुक्कड़ सभा, सेमिनार, गोष्ठी और चौपाल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कृषि और किसान के प्रति सरकार की उदासीनता से प्रदेश भर का किसान हताश है. लागत मूल्य बढ़ने से किसानों की लागत बढ़ गई है. गन्ना किसानों को बहुत उम्मीद थी कि इस बार गन्ना मूल्य बढ़ाकर ₹400 प्रति कुंतल किया जाए, लेकिन सरकार ने इस पर चुप्पी साथ ली है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. राष्ट्रीय लोक दल किसानों की दुर्दशा और बदहाली के लिए एमएसपी पर कानून और असंतुलित वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त सूखी फसलों का मुआवजा दिए जाने की मांग करता है.
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने कहा कि सरकार कह रही है कि यूपी में राम राज्य है लेकिन असलियत यही है कि यूपी में रावण राज्य है. कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है. कानून व्यवस्था की स्थिति काफी नाजुक है. अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है. वाराणसी बीएचयू कैंपस में भी छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं. ठेका और अनुबंध पर नौकरियों के कारण युवा निराश हैं। उन्होंने बरेली के सरदारनगर चौकी के पुलिस कर्मियों की तरफ से निर्दोष किसान की हत्या की न्यायिक जांच करने की मांग की है. दोषी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने और परिजनों को एक करोड रुपए मुआवजा देने के साथ ही मृतक आश्रित को नौकरी दिलाई जाने की विमान सरकार से की है।





