
अयोध्या में आयोजित Sri Ram International Film Festival 2025 में शॉर्ट फिल्म “Save God” को “Best Documentary” और “Best Untold Story” का पुरस्कार मिला है। यह फिल्म मूर्ति विसर्जन की परंपरा और इससे जुड़े अनदेखे पहलुओं पर आधारित है।
फिल्म के लेखक, निर्देशक और नाटककार मुकेश वर्मा हैं, जो समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ रखते हैं। उन्होंने अब तक 60 से अधिक नाटक लिखे हैं और उनके लेखन व निर्देशन में बनी हिंदी फिल्म “मल्लाह” भी जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
फिल्म की विषयवस्तु और संदेश
“Save God” एक ऐसी शॉर्ट फिल्म है, जो समाज में वर्षों से चली आ रही मूर्ति विसर्जन की परंपरा को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह धार्मिक आस्था और परंपराएं कभी-कभी पर्यावरण और जल स्रोतों के लिए खतरा बन जाती हैं। फिल्म का उद्देश्य केवल परंपराओं पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करना है, जिसमें धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिले।
फिल्म यह संदेश देती है कि यदि हम भगवान की मूर्तियों को पूजते हैं, तो हमें उनका सम्मान अंत तक बनाए रखना चाहिए। कई बार विसर्जन के बाद ये मूर्तियां नदियों और तालाबों में प्रदूषण का कारण बन जाती हैं। फिल्म समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम अपने आराध्य देवताओं के प्रति सही व्यवहार कर रहे हैं? क्या कोई वैकल्पिक समाधान निकाला जा सकता है, जिससे आस्था और प्रकृति दोनों की रक्षा हो सके?
मुकेश वर्मा: एक प्रतिभाशाली लेखक और निर्देशक
फिल्म “Save God” के लेखक और निर्देशक मुकेश वर्मा ने अपनी लेखनी और निर्देशन के माध्यम से कई समसामयिक विषयों को उजागर किया है। उन्होंने 60 से अधिक नाटकों की रचना की है, जिनमें सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विषयों को प्रमुखता दी गई है। उनकी आगामी फिल्म “मल्लाह” भी एक महत्वपूर्ण विषय पर आधारित है और जल्द ही सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।
मुकेश वर्मा का मानना है कि सिनेमा और थिएटर केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि समाज को आईना दिखाने और नई सोच विकसित करने का एक सशक्त माध्यम भी हैं। उनकी हर कृति समाज के किसी न किसी अनछुए पहलू को सामने लाती है। “Save God” भी इसी श्रेणी की एक सशक्त फिल्म है, जिसने अयोध्या फिल्म फेस्टिवल में दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीत लिया।
फिल्म को मिली सराहना
Sri Ram International Film Festival 2025 में जब “Save God” को “Best Documentary” और “Best Untold Story” का पुरस्कार मिला, तो यह न केवल फिल्म की टीम के लिए बल्कि उन सभी लोगों के लिए गर्व का क्षण था, जिन्होंने इस फिल्म की विषयवस्तु को समझा और इसकी गहराई को महसूस किया।
इस पुरस्कार से मुकेश वर्मा और उनकी टीम को और अधिक प्रेरणा मिली है कि वे भविष्य में भी ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर काम करें, जो समाज को जागरूक करने के साथ-साथ एक नई सोच भी प्रदान करें।
आभार और आगे की योजनाएं
मुकेश वर्मा ने इस उपलब्धि के लिए सभी सहयोगियों, दर्शकों और शुभचिंतकों का हृदय से आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह पुरस्कार केवल उनकी फिल्म के लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए है जो सकारात्मक बदलाव और समाज में जागरूकता लाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
“Save God” की सफलता से प्रेरित होकर, वे अब अपनी अगली फिल्म और नाटकों के माध्यम से और भी गंभीर सामाजिक विषयों को उठाने की योजना बना रहे हैं।
फिल्म फेस्टिवल का आयोजन
यह फिल्म फेस्टिवल चेयरमैन अंतरिक्ष श्रीवास्तव और ज्यूरी राज त्रिपाठी के नेतृत्व में बेहतरीन ढंग से संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित आयोजन ने अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक फिल्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है।