शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने छोड़ा प्रयागराज,, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर किया हमला ,कही यह बात

Samajwadi party news। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ( Akhilesh Yadav ) ने कहा कि भाजपा के दंभ ने अनादिकाल से चली आ रही सनातनी परंपरा को तोड़ दिया है। जगद्गुरु शंकराचार्य जी का तीर्थराज प्रयाग की धरती पर माघ मेले को बिना पवित्र स्नान किये छोड़कर जाना एक अत्यंत अनिष्टकारी घटना है। संपूर्ण विश्व का सनातन समाज इससे आहत ही नहीं बल्कि अनिश्चित भय से आशंकित है।
सपा अध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि भाजपा और उसके संगी-साथी चाहते तो सत्ता की हनक और अपने अंहकार को त्यागकर अपने कंधों पर उनकी पालकी उठाकर, उन्हें त्रिवेणी-संगम पर पावन स्नान कराकर, उनके मर्माहत सम्मान का मान रख सकते थे लेकिन भाजपाइयों को भ्रष्ट साधनों से अर्जित अपनी शक्ति का घमंड है, जो उन्हें ऐसा करने से रोक रहा है। उन्होंने कहा कि संतो का मन दुखी करके कोई सुख नहीं पा सकता है। भूल करने से बड़ी गलती, क्षमा न माँगना है। कोई भी राजनीतिक पद, संतों के मान से बड़ा नहीं हो सकता। भाजपा सनातन की भी सगी नहीं है। आज हर सनातनी मन से बेहद दुखी है। अखिलेश ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों में व्यवधान उत्पन्न करने वालों को क्या कहते हैं, ये भाजपाइयों को समझाने की ज़रूरत है क्या? हमारे महाकाव्यों का यही मूलभूत संदेश है कि घमंड के दंड से कभी कोई दुर्जन नहीं बचता है। आहत संत अर्थात सत्ता का अंत।