जालौन के इस मंदिर में शुरू हुई श्रीराम कथा,,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जब भी किसी से प्रेम स्थापित करना हो तो सर्वप्रथम उसके बारे में जानना आवश्यक है क्योंकि जब तक सामने वाले पर आपका विश्वास नहीं होगा तब तक प्रेम होने वाला नहीं है। यह बात श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर पर आयोजित श्रीराम कथा पंडित अभिनव तिवारी में कही। .
श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के तीसरे चरण में सोमवार से श्रीराम कथा शुभारंभ हुआ। श्रीराम कथा के पहले दिन पंडित अभिनव तिवारी ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि रामकथा किसी के साथ भेदभाव नहीं करती है। यह बुद्धिमान और कम पढ़े लिखे हुए व्यक्ति को भी समान प्रकार से समझ आती है। हां रामकथा उन व्यक्तियों नहीं समझ आती जो “जे श्रद्धा संबल रहित नहिं संतन कर साथ, तिन्ह्कहुं मानस अगम अति जिन्हहिं न प्रिय रघुनाथ” अर्थात जिनके मन में श्रद्धा नहीं है और संतों का साथ नहीं है और जिनको श्री रघुनाथजी प्रिय नहीं हैं, उनके लिए यह मानस अत्यंत ही अगम है। कहा कि रामनाम तो अविनाशी है। दुनिया इधर से उधर हो जाए सब कुछ बदल जाए पर राम नाम ज्यों का त्यों यूं ही सदर बना रहेगा। राम नाम की महिमा कभी भी कम नहीं होगी बल्कि दिन प्रतिदिन इसकी महिमा बढ़ती ही जाएगी। रामनाम से संसार चल रहा है। सूर्य, चंद्र, अग्नि, वायु सभी में जो शक्ति है वह राम नाम में ही समाहित है। शब्द ब्रह्म है और शब्द को संभलकर बोलना चाहिए। जीवन में अभिमान की शून्यता आ जाए तो श्रृद्धा अपने आप आ जाएगी। आगे कहा कि विवाह आदि मांगलिक कार्यों के अवसर पर श्रीराम के गीत गाए जाते हैं। यहां तक कि मनुष्य की अंतिम यात्रा में भी राम नाम का ही घोष किया जाता है। इसलिए अपनी जिव्हा पर सदा ही राम का नाम रखिए। इस मौके पर मंदिर के पुजारी कमलेश महाराज, अनुरूद्ध विश्नोई, राजीव विश्नोई, जय पचौरी, जय पचौरी, देवेंद्र प्रजापति, आशीष पटेल, अंशुल पटेल, रामू, सुमित आदि भक्त मौजूद रहे।

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