डिप्टी सीएम की समीक्षा बैठक से बाहर किए गए सपा विधायक ने लगाए गंभीर आरोप

रिपोर्ट राहुल उपाध्याय

बहराइच। जिले में समीक्षा बैठक करने पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा विधायक आनंद यादव को बैठक से जबरन बाहर कर दिया गया। इससे नाराज सपा विधायक ने डिप्टी सीएम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें जनप्रतिनिधियों को भी अपनी बात और समस्याएं बताने के लिए खुद डीएम ने आमंत्रित किया था। इसके बाद भी बैठक में पहुंचे सपा विधायक आनंद यादव को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पहुंचते ही बाहर निकाल दिया गया। आनंद यादव का आरोप है कि पहले उनसे कहा गया कि आप सभागार से बाहर चले जाइए गोपनीय चर्चा होनी है। इसके बाद जब उन्होंने अपनी बात कहने की कोशिश की तो जबरन बैठक से बाहर निकालने के लिए डीएम और सीडीओ को डिप्टी सीएम ने आदेश दिया। पूरे घटना से आक्रोशित विधायक ने डिप्टी सीएम पर कई गंभीर आरोप लगाए और मामले को कोर्ट तक ले जाने की बात कही। कैसरगंज से विधायक आनंद यादव ने कहा कि प्रशासन की ओर से उन्हें बुलावा पत्र भेजा गया था। इसमें समय से उपस्थित होने का आग्रह किया गया था। क्षेत्र में एक पखवाड़े से भेड़िए के आतंक समेत कई ज्वलंत समस्याओं को रखने के लिए वह समय से पहले कलक्ट्रेट पहुंचकर सभागार में बैठे थे। जब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पहुंचे तो उनको देखते ही कहा कि आप सभागार के बाहर डीएम के चैंबर में चले जाएं। गोपनीय बैठक होनी है उसके बाद आपकी बात सुनी जाएगी। डिप्टी सीएम की बैठक से बाहर किए गए सपा विधायक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि
यूपी के बहराइच में समीक्षा बैठक करने पहुंचे डिप्टी सीएम की बैठक से उनको जबरिया बाहर कर दिया गया। बहराइच में सपा-भाजपा की राजनीतिक रस्साकसी का मामला नया नहीं है। यहां डिप्टी सीएम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था।
सपा विधायक ने कहा कि जब वह अपनी बातों को रखने के लिए खड़े हुए तो डीएम और सीडीओ को उनके पास भेजकर जबरिया सभागार से बाहर कार्यालय में ले जाने को कहा गया। आरोप लगाया कि डिप्टी सीएम के कहने पर जबरदस्ती उन्हें बैठक से बाहर कर दिया गया। जनप्रतिनिधि होने के नाते यह रवैया आहत करने वाला है। कहा कि क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराने के लिए बैठक में आए थे।


लगाया आरोप डिप्टी सीएम पर थे 80 से अधिक मुकदमे

सपा विधायक ने बाहर आने मीडिया के सामने डिप्टी सीएम पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि वह जिले में दंगा कराने या समीक्षा के नाम पर कोई नई साजिश रचने आए हैं। इसलिए ही उन्हें सभागार से बाहर किया गया है। सपा विधायक ने कहा कि डिप्टी सीएम की मंशा ठीक नहीं लगती है। उन पर पहले भी 80 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। उन्होंने खुद अपने मुकदमे वापस लिए हैं। कहा कि मेरे साथ गलत किया गया है। पूरे प्रकरण को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सामने रखेंगे। मामले को लेकर कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे।

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