जालौन जिले में शिक्षा व्यवस्था पर सख्ती बिना मान्यता चल रहे स्कूलों पर कार्रवाई,,

कदौरा ब्लॉक में कार्यरत अनुदेशक पर भी गिरी गाज सेवा समाप्ति के आदेश

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Orai / jalaun news today । जालौन जिले के कदौरा ब्लॉक अंतर्गत आटा क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा अधिकारी चन्द्र प्रकाश द्वारा निजी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान इंडियन पब्लिक स्कूल एवं विजडम पब्लिक स्कूल पूर्णतः बिना मान्यता के संचालित पाए गए। यह दोनों विद्यालय नियमों को दरकिनार कर बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ कर रहे थे। वहीं दुर्गा पब्लिक स्कूल को केवल कक्षा 5 तक की मान्यता प्राप्त है लेकिन विद्यालय में कक्षा 8 तक के छात्र पढ़ते हुए पाए गए जो कि स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है और भी चैंकाने वाली बात यह रही कि कक्षा 5 तक के लिए भी विद्यालय में एक भी प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध नहीं मिला। यह स्थिति न केवल शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगाती है बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ गंभीर लापरवाही को भी दर्शाती है। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से इंडियन पब्लिक स्कूल और विजडम पब्लिक स्कूल को बंद करने के निर्देश जारी कर दिए। साथ ही दुर्गा पब्लिक स्कूल को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वह कक्षा 6 से 8 तक की सभी कक्षाएं तुरंत बंद करे और केवल मान्यता प्राप्त कक्षा 5 तक ही शिक्षण कार्य संचालित करे। इसके अतिरिक्त यह भी निर्देशित किया गया कि कक्षा 5 तक की पढ़ाई केवल प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा ही कराई जाए अन्यथा विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान एक और गंभीर तथ्य सामने आया कि ये तीनों विद्यालय कदौरा ब्लॉक में कार्यरत अनुदेशक शिव शंकर के संरक्षण में संचालित हो रहे थे। इस लापरवाही और नियमों की अनदेखी को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अनुदेशक शिव शंकर के विरुद्ध सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को भी नोटिस जारी किया गया है जिससे विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालय प्रबंध तंत्र को सख्त चेतावनी दी है कि वह तत्काल प्रभाव से अवैध रूप से संचालित विद्यालयों और कक्षाओं को बंद करें। यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।