(रिपोर्ट : बबलू सेंगर)

Jalaun news today । मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। नगर में बाल विकास पुष्टाहार परियोजना कार्यालय से सीडीपीओ अक्सर गायब रहते हैं। सीडीपीओ कार्यालय में न बैठने के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन भगवान भरोसे चल रहा है।
विकास खंड की 62 ग्राम पंचायतों में 180 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। जिनमें 132 संपूर्ण व 48 मिनी केंद्र हैं। सभी ग्राम पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का सफल संचालन का दायित्व सीडीपीओ का है। ब्लॉक् परिसर में संचालित परियोजना अधिकारी के कार्यालय में सीडीपीओ कपिल शर्मा, सुपरवाइजर मधु व अंजली के साथ पत्रवाहक राजकुमार की नियुक्ति है। लेकिन सीडीपीओ प्रतिदिन कार्यालय में नहीं बैठते हैं। सीडीपीओ के प्रतिदिन कार्यालय में न बैठने के कारण कार्यालय भगवान भरोसे चल रहा है। इसका असर ब्लॉक क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पड़ रहा है। क्षेत्र की जनता आंगनबाड़ी केंद्र से संबंधित समस्याओं को लेकर कार्यालय के चक्कर लगा रही है। चक्कर लगाने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। सीडीपीओ कार्यालय पहुंचने पर पता चला कि वह कई दिनों से कार्यालय नहीं आए हैं। वह जनपद मुख्यालय में रहकर ही नौकरी कर रहे हैं। कार्यालय में सिर्फ पत्रवाहक राजकुमार मौजूद थे। इस बाबत जिला कार्यक्रम अधिकारी इफ्तेखार अहमद ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी, यदि कोई अधिकारी कार्यालय में नहीं बैठ रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।






