रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन नगर के हनुमंत साधना धाम परिसर में आयोजित पंचम श्रीरामकथा सप्ताह, द्वितीय पंचकुंडीय हनुमान महायज्ञ एवं 22वां वार्षिक सवामनी हवनोत्सव कार्यक्रम के पहले दिन नगर के विभिन्न मार्गों से होकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
छठी माता मंदिर के पास स्थित हनुमंत साधना धाम पर साप्ताहिक धार्मिक आयोजन आयोजित किए जा रहे हैं। जिसके पहले दिन रामकथा वाचक रोहित कृष्णचार्य व हनुमंत साधना धाम के संस्थापक रमेशचंद्र महाराज की अगुवाई में नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सिर पर कलश लेकर महिलाएं चल रहीं थीं। वहीं, धर्म ध्वजा लेकर भक्त आगे चल रहे थे। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों की धुनों पर भक्त नाचते हुए और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। कलश यात्रा हनुमंत साधना धाम से पेट्रोल टैंक, देवनगर चौराहा, डाकघर कांजी हाउस से सरस्वती मंदिर, कालीमाता मंदिर से होकर कथा स्थल पर जाकर संपन्न हुई। जहां कथा वाचक रोहित कृष्णचार्य ने बताया कि रामकथा श्रवण कर हर मनुष्य अपने जीवन को आनंदमय, मंगलमय बनाकर अपना आत्म कल्याण कर सकता है। राम कथा श्रवण मात्र से मन को शांति व मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि राम कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होते हैं। कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। मनुष्य का सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण से जाग्रत हो जाता है। कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है। कहा कि कथा श्रवण का फल उसी को प्राप्त होता हैं जो संस्कारवान हो। घर में माता पिता का प्रति दिन पैर छूकर आशीर्वाद लें। इस मौके पर पुजारी बृजेश तिवारी, मेनका, आरती, वंदना, कामिनी, शशिकला, मधु देवी, निशा, अर्चना आदि मौजूद रहे। इस मौके पर यज्ञाचार्य अनुज बाजपेई, रमेशचंद्र महाराज, सुशीला देवी, माया देवी, शिवराम राठौर, मेनका, आरती, वंदना, कामिनी, शशिकला, मधु देवी, निशा, अर्चना आदि मौजूद रहे।





