(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । हवन-यज्ञ से वातावरण और वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुर्गुणों की बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। यह बात ग्राम रूरा मल्लू में आयोजित नौ कुंडीय श्रीराम महायज्ञ और श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में कथावाचक पंडित शिवम नगाइच ने कही।
क्षेत्रीय ग्राम रूरा मल्लू में गऊ आश्रम परिसर में आयोजित नौ कुंडीय श्रीराम महायज्ञ और श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथावाचक पंडित शिवम नगाइच ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राम महायज्ञ करने और भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीराम महायज्ञ से जीव में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। प्रभु राम हमारे आचरण और हमारे उत्तम विचार में अवश्य विराजमान होने चाहिए। यही उनकी सबसे बड़ी भक्ति है। उन्होंने आदर्श राजा उत्कृष्ट भाई श्रेष्ठ पुत्र महान मित्र की भूमिका एक साथ निभाई और एक मानक स्थापित किया। प्रभु राम के नाम मात्र से रावण जैसे अत्याचारी का अंत हो जाता है और अंदर के सारे क्लेश पाप और कुविचार समाप्त हो जाते हैं। मन के रावण का अंत करें, खुद ही प्रभु राम की भक्ति मिल जाएगी। अन्याय पर न्याय की जीत के लिए प्रभु श्रीराम ने विकट समुद्र को पार कर यह साबित कर दिया कि अन्याय और अत्याचार का हर समय विरोध करना ही मनुष्य का नैतिक कर्तव्य है। इस दौरान यज्ञाचार्य आचार्य आदित्य उपाध्याय व उपयाज्ञाचार्य शिवम शास्त्री ने यज्ञकुंड में हवन आहुतियां दिलाईं। इस मौके पर यज्ञपति दिलीप गुर्जर, पारीक्षित प्रमोद पाल, विमलेश, सतेंद्र, आदित्य, राहुल, प्रमोद, गिरीश, विमल कुमार, जगदीश, राधिका, विमला, किशोरी, विनीता आदि मौजूद रहे।





