रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन के सिकरीराजा गांव में अमर सिंह भदौरिया के आवास पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास गगन द्विवेदी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के प्रसंग का वर्णन किया। इस दौरान भक्तों ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की’ के जयकारे लगाए।
कथा के चौथे दिन भागवताचार्य गगन द्विवेदी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अधर्म, अन्याय और अत्याचार के विनाश तथा धर्म की स्थापना के लिए हुआ। जब पृथ्वी पर पाप बढ़ गया और साधु-संतों पर अत्याचार होने लगे, तब भगवान विष्णु ने देवकी के गर्भ से कृष्ण रूप में अवतार लिया। कारागार में जन्म लेकर भगवान ने यह संदेश दिया कि ईश्वर किसी भी परिस्थिति में भक्तों की रक्षा करते हैं। कथा व्यास ने कंस के अत्याचारों, देवकी और वासुदेव की पीड़ा और कारागार में हुए अलौकिक घटनाक्रम वर्णन कर कहा कि भगवान के जन्म के साथ ही कारागार के द्वार स्वयं खुल गए, पहरेदार निद्रा में चले गए और वासुदेव बालक कृष्ण को लेकर यमुना पार गोकुल पहुंचे। कृष्ण जन्म प्रसंग के दौरान पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर पारीक्षित चंदन कुंवर, अमर सिंह भदौरिया, अर्चना, सुनीता, शशी, विनीता, मीना, विनीता, गिरेन्द्र सिंह, मोनू, गुड्डू, राजू, जीतू, पवन, दीपक, मोंटी, विक्की, सतेंद्र सिंह, गौरव, सौरव आदि रहे।









