रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन के क्षेत्रीय ग्राम नगरा टीहर स्थित प्राचीन हनुमान गढ़ी मंदिर परिसर में चल रही साप्ताहिक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में अंतिम दिन सुदामा चरित की कथा में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। कथा व्यास साध्वी लक्ष्मी बघेल ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का जीवंत वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
कथा की शुरुआत मंत्रोच्चारण और आरती के साथ हुई। साध्वी लक्ष्मी बघेल ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का सात दिनों तक श्रवण करने से जीव का उद्धार हो जाता है। सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि गरीब ब्राह्मण सुदामा अपनी पत्नी सुशीला के कहने पर ना चाहते हुए भी द्वारिका जाने को तैयार होते हैं। सुदामा को कृष्ण से मिलने से द्वारपाल रोकता है। लेकिन जब द्वारपाल श्रीकृष्ण को गरीब ब्राह्मण के द्वार पर खड़े होने की सूचना देता है तो वह व्याकुल होकर नंगे पैर ही उनसे मिलने के लिए द्वारा पर पहुंच जाते हैं और वहां से लाकर उन्हें सिंहासन पर बैठाते हैं। बिना मांगे ही उन्हें धन्य धान्य से परिपूर्ण कर दिया। कथा व्यास ने सुदामा चरित्र का वर्णन अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण ढंग से किया जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो गए। कहा कि धार्मिक आयोजनों से व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुर्गुणों की बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। श्रीमद् भागवत संपूर्ण सिद्धांतों का निष्कर्ष है। भागवत कथा को सुनने से जन्म-मृत्यु के भय का नाश होता है। मन की शुद्धि के लिए श्रीमद् भागवत से बढ़कर कोई साधन नहीं है। भक्ति, ज्ञान, वैराग्य तथा से त्याग की प्राप्ति होती। इस मौके पर परीक्षित राजाराम पाल, सांसद नारायणदास अहिरवार, अशोक पाल, कमलेश पाल, अंशपाल, हमीर सिंह पाल, बद्री प्रसाद, शिवकुमार, केदार पाल, आलोक दीक्षित संजय पाठक आदि मौजूद रहे।





