जालौन की रामलीला में हुआ इस लीला का मंचन,,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन नगर की रामलीला महोत्सव 2026 में सीता की खोज लीला का मंचन किया गया। वहीं, लंका दहन की लीला का दर्शकों ने आनंद लिया।
मंचन के पहले दृश्य में हनुमानजी लंका में सीताजी की खोज करने जाते हैं। वहां पर अशोक वाटिका में बैठी माता सीता को राक्षसियों द्वारा परेशान करने और उन्हें तरह-तरह की यातनायें दिए जाने का दृश्य दिखाया गया। जिसे देखकर हनुमानजी ने प्रभु श्रीराम द्वारा दी गई मुद्रिका को माता सीता के सामने जमीन पर डालकर उन्हे अपना परिचय दिया। बाद में मां सीता की आज्ञा लेकर वह फल खाने के लिए चले गए। जहां पर उन्होंने कुछ फल तोड़े तो कुछ वृक्षों को भी तोड़ा। उनको रोकने के लिए अशोक वाटिका के पहरेदारों ने प्रयास किया। लेकिन, हनुमानजी को वह रोक नहीं सके। तब इसकी सूचना रावण को दी गई। जिस पर रावण ने अपनी सेना के साथ पुत्र अक्षय कुमार को हनुमानजी को रोकने के लिए भेजा। उसके हारने पर रावण ने मेघनाथ को आदेश दिया कि वह हनुमानजी को पकड़कर उसके समक्ष लाएं। हनुमान को पकड़ने के लिए गए मेघनाथ और हनुमान के बीच हुए संवाद की उपस्थित दर्शकों ने काफी सराहना की। अंत में मेघनाथ, हनुमानजी को ब्रह्मास्त्र में बांधकर अपने पिता रावण के पास ले जाता है। जहां पर हनुमानजी की उद्दंडता पर सभी उनकी पूंछ में आग लगाए जाने का सुझाव देते हैं। पूंछ में आग लगते ही हनुमानजी ने उसी समय लघु रूप धारण कर लिया। और लंका के घरों में कूद-कूदकर लंका के सभी महलों में आग लगा दी। पंडित प्रयाग गुरू के निर्देशन में चल रही रामलीला में राम की भूमिका मनोज तिवारी, लक्ष्मण सीपू पाराशर, सीताजी रामदूत तिवारी, हनुमानजी रवींद्र शुक्ला, जामवंत प्रयागगुरू, अंगद श्याम जादौन, सुरसा भगवानदास, लंकनी व त्रिजटा की भूमिका में पंचम दीवाना ने अपने अभिनय के जौहर दिखाए। लीला का संचालन राजकुमार मिझौना व पवन चतुर्वेदी ने किया।