पशुओं में तेजी से फैल रही लम्पी स्किन डिजीज रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं अधिकारी
(ब्यूरो रिपोर्ट)

Jalaun news today । उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव दुग्ध विकास, मत्स्य एवं पशुधन विभाग डॉक्टर रजनीश दुबे व जिलाधिकारी चाँदनी सिंह की मौजूदगी में राष्ट्रीय पशुधन एव पशु कृषि धन आटा फार्म में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि पशुओं में तेजी से फैल रही लम्पी स्किन डिजीज को रोकने के लिए अधिकारी जरूरी कदम उठाएं।
उन्होंने कहा कि लम्पी स्किन डिजीज इस बार तेजी से फैल रहा है, सविर्लेंस वैक्सीनेशन आइसोलेशन के द्वारा इस डिजीज को फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी आपदा का स्वरूप न बने इससे पहले संक्रमण को रोकने के सभी जरूरी कदम उठाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश का संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को क्रियान्वयन हेतु निर्देशित किया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी भीमजी उपाध्याय, परियोजना निदेशक शिवाकांत द्विवेदी, अपर निदेशक ग्रेड झांसी बृज किशोर खरे, उपनिदेशक प्रक्षेत्र प्रकाश चंद्र सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अखिलेश कुमार सिंह, प्रक्षेत्र अधिकारी आटा वीरपाल सिंह आदि सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
विभागीय अधिकारी पशु नस्ल सुधार में न बरते लापरवाही
Jalaun news today । अपर मुख्य सचिव दुग्ध विकास, मत्स्य एवं पशुधन विभाग डॉक्टर रजनीश दुबे ने कहा कि पशुपालकों के हितों के लिए संकलिप्त होकर कार्य करें। विभाग द्वारा पशु नस्ल सुधार में किये जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग द्वारा संचालित केंद्र व राज्य सरकार द्वारा योजनाओं से पशुपालकों को लाभान्वित करें जिससे बेहतर पशुपालन की दिशा में उन्नत नस्लीय पशुधन विकसित होने पर पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने कहा कि परिसर में गोवंशों का संवधर्न व प्रजनन फार्म भी बनाया जाए।
आदर्श ग्रामों में पोल्ट्री फार्म डेयरी व बकरी पालन आदि खोले जाए

उरई। अपर मुख्य सचिव दुग्ध विकास, मत्स्य एवं पशुधन विभाग डॉक्टर रजनीश दुबे ने विभागीय समीक्षा के दौरान कहा कि जनपद की एक अलग ही पहचान हो इसके लिए हर ब्लॉक में कम से कम एक-एक आदर्श ग्राम बनाया जाए, जो कि क्षेत्र के लोगों के लिए नजीर बन सके। लोगों व किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए आदर्श ग्रामों में पोल्ट्री फार्म, डेयरी व बकरी पालन आदि खोले जाए जिससे किसानों की आय बढ़ सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि फार्म की अन्य व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जाए।






