सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भैंस को काटे जाने का वीडियो,,हिन्दू संगठनों ने जताई आपत्ति,, पुलिस ने की आरोपियों पर कार्यवाही

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन नगर में बिना लाइसेंस के पशुओं का वध किया जा रहा है और नियमों की अनदेखी कर उन्हें काटा जा रहा है। तकिया चौराहे के पास एक बाड़ा में भैंस को काटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया वायरल हुआ था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई थी और वीडियो में दिख रहे लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। हिंदू संगठनों के विरोध के बाद हरकत में आई पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को पकड़ा है। जिनसे पुलिस पूंछतांछ कर रही है।
सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोगों की मौजूदगी में एक व्यक्ति खुलेआम पशु को काट रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो कुछ देर बाद ही हटा दिया गया था। लेकिन टैब तक यह वीडियो हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों के पास तक पहुंच गया था। वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने पुलिस में विरोध दर्ज कराया। पहले तो पुलिस वीडियो पुराना बताकर टालती रही। इसी बीच यह मामला पुलिस के उच्च अधिकारियों के पास तक पहुंच गया। जिसके बाद पुलिस को कार्यवाही करने के लिए मजबूर होना पड़ा। चौकी प्रभारी मनीष तिवारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ व्यक्ति निर्दयतापूर्वक ढंग से पाडा (भैस वंस) को काटते हुए दिख दे रहे थे। वायरल वीडियो के बारे में स्थलीय निरीक्षण और स्थानीय लोगों से जानकारी की गई। जिसमें पता चला कि दिनांक 16 फरवरी की शाम को खटीकान निवासी शमसेर, मुइनुद्दीन व फकरु‌द्दीन, चिमनदुबे निवासी अकील व आजाद चिमनदुबे में अकील के बाडा में बिना लाइसेस के क्रूरतापूर्वक भैंस वंश को अवैध रूप से काटा था। बाड़ा के निरीक्षण में हड्डियों के कुछ अंश मिले थे, जिन्हें कब्जे में लेकर मौके पर ही पशु चिकित्सा अधिकारी के सुपुर्द किया गया। बरामद अंशों को परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। चौकी प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पांचों लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सीओ शैलेन्द्र कुमार बाजपेयी ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया था। मामले में पांच लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें पकड़ा गया है। विधिक कार्रवाई की जा रही है।