रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन क्षेत्र के ग्राम मांडरी स्थित गोशाला में बीते एक सप्ताह में कई गोवंशों की मौत होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। आरोप यह भी है कि मौत के बाद गोवंशों के शवों को ट्रैक्टर से घसीटकर हुए गोशाला से बाहर माइनर में फेंका जा रहा है मृत गोवंशों का अंतिम संस्कार न होने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने मृत गोवंश को सम्मान के साथ दफन कराने की मांग जिलाधिकारी से की है।
हमारे स्थानीय सहयोगी से मिली जानकारी के अनुसार शासन स्तर के साथ ही जिलाधिकारी स्तर पर भी लगातार गोशालाओं के संचालन में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए जाते रहते हैं और गोशालाओं में सर्दियों के मौसम में सर्दी से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था के साथ ही नियमित पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए जाते हैं इतना ही नहीं अधिकारी स्वयं समय समय पर इन गोशालाओं का निरीक्षण करते हैं। लोगो का कहना है कि इसके बाद भी गोशालाओं में व्यवस्थाएं नहीं सुधर नहीं हैं और सर्दी के मौसम में गोवंशों की मौत की खबरें आने लगी हैं। इस सम्बंध में ग्रामीण शैलेंद्र कुमार, राम बिहारी, राम लखन, रामलला, सौरभ निवासीगण पहाड़पुरा बताते हैं कि ग्राम मांडरी में गोशाला दुर्दशा का शिकार है। आरोप है कि एक सप्ताह से ज्यादा समय से लगातार गोवंशों की मौत हो रही है। गोशाला में गोवंशों की मौत ही नहीं हो रही है मृत गोवंशों के शव के साथ अमानवीय व्यवहार भी किया जा रहा है। साथ ही शव को दफनाने की जगह माइनर में फेक दिया जाता है। आरोप है कि माइनर में पड़े शवों को कुत्ते नोच कर खा रहे हैं। इसके बाद भी भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बीते एक सप्ताह में एक दर्जन से अधिक गोवंशों की मौत चुकी है। माइनर में पड़े गोवंशों के शवों से दुर्गंध आ रही है। दुर्गंध के चलते आसपास के किसान परेशान हैं। ग्रामीणों ने डीएम से मांग करते हुए कहा कि गोशाला में मृत गोवंशों की जांच कराई जाए और गोवंशों के मौत के जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये। साथ ही मृत गोवंश को सम्मान के साथ दफन कराने के लिए जिम्मेदारों को निर्देशित किया जाए। इस सम्बंध में जब प्रधान प्रतिनिधि भगवती शरण से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है।






