खुले गड्डे में पड़े गोवंश ,व अन्य जानवरों के शव देखकर आक्रोशित हुए विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के पदाधिकारी,,एसडीएम ने दी कर्मचारियों को ये सख्त हिदायत

Vishwa Hindu Parishad and Bajrang Dal officials got angry after seeing cattle, pig and other dead bodies lying in open pit, SDM gave these strict instructions to the employees

(रिपोर्ट : बबलू सेंगर)

Jalaun news today । नगर जालौन में मलंगा नाले के नीचे खुले गड्ढे में लगभग आधा दर्जन गोवंश, सुअर व गधे के शव पड़े होने पर विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आक्रोश व्यक्त किया। सूचना पर एसडीएम, कोतवाली पुलिस समेत नगर पलिकाध्यक्ष प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए। जहां नगर पालिका ने सभी शवों को अलग अलग करके गड्ढों में दफन कराया। एसडीएम ने आगे से जानवरों के शवों को मिट्टी में दफनाकर उन्हें ढकने के लिए निर्देश नगर पालिका कर्मचारियों को दिए।
हमारे स्थानीय सहयोगी से मिली जानकारी के अनुसार जालौन नगर के मोहल्ला चुर्खीबाल में सुबह एक गोवंश की मौत हो गई थी। गोवंश के मृत होने की सूचना पर बजरंग दल के नगर अध्यक्ष अनुराग तिवारी, विश्व हिंदू परिषद के नगर संयोजक मानवेंद्र सिंह परिहार एवं उनकी टीम के अभिषेक कुशवाहा, अंशु गौतम, शिवम बादल, गोलू कुशवाहा आदि वहां पहुंच गए और मृत गोवंश को सम्मान के साथ दफनाने के लिए ट्रैक्टर में लादकर मलंगा नाले के नीचे पहुंचे।

बजरंग दल के नगर अध्यक्ष अनुराग तिवारी, विश्व हिंदू परिषद के नगर संयोजक ने बताया कि जब वह वहां पहुंचे तो वहां पहले से ही कुछ गड्ढे खुदे हुए पड़े थे। वहीं आधा दर्जन मृत गोवंश के साथ एक सुअर व एक गधा एक ही गड्ढे में पड़े हुए थे। गड्ढे को बंद भी नहीं किया गया था। जिसके चलते उनमें से बदबू आ रही थी। खुले गड्ढे में मृत गोवंश के साथ ही सुअर व गधे के पड़े होने के चलते विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए।


सूचना मिलने पर एसडीएम सुरेश कुमार, कोतवाल विमलेश कुमार, एसएसआई आनंद सिंह, पुलिस फोर्स के साथ एवं पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि पुनीत मित्तल भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आका्रेशित कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर शांत कराया। साथ ही नगर पालिका की जेसीबी मंगाकर मृत गोवंश व अन्य जानवरों को अलग अलग गड्ढों में दफन कराया। एसडीएम ने पालिका कर्मचारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जो भी जानवर मृत हो जाएं उन्हें गड्ढों में दफन कराएं। इसका भी खास ध्यान रखें कि दफन करने के बाद गड्ढे को खुला न छोड़ें बल्कि उसे अच्छी तरह से दफन करा दिया करें।

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