एनडीआरएफ की मदद से शव की तलाश जारी
(संजय सिंह की रिपोर्ट )
लखनऊ। दुबग्गा के जेहटा निवासी प्रॉपर्टी डीलर विशाल गौतम (20) की हत्या के चारों आरोपियो को सोमवार को जेल भेज दिया गया जबकि एक आरोपी की तलाश की जा रही है। हालांकि अभी तक विशाल का शव नदी से खोजने में पुलिस नाकाम रही है। शव को तलाशने के लिए अब एसडीआरएफ की जगह एनडीआरएफ की मदद ली जा रही है।
एसीपी अनिध्य विक्रम सिंह के मुताबिक घटना का मास्टरमाइंड जेहटा निवासी विशाल का दोस्त राजेश गौतम है जिसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर विशाल को अगवा कर एक करोड़ की फिरौती की रकम की मांग की थी। 25 सितंबर को राजेश गौतम (28) ने विशाल को फ़ोन करके काकराबाद बुलाया था जहां अपने दोस्त रहीमाबाद निवासी धीरज मौर्या (23), पटकापुर रहीमाबाद के मुकेश गौतम(27),सहजनवां रहीमाबाद के आशीष गौतम(23) और सूरज के साथ मिलकर विशाल का अपहरण कर लिया और माल के गहदों स्थित धीरज की नमकीन फैक्ट्री में रखा था। पुलिस का दबाव बढते देख पांचों ने विशाल को भैंस को लगाने वाला इंजेक्शन लगाकर शिथिल कर दिया। मुकेश और सूरज ने गमछे से विशाल का गला और मुहं दबाया। विशाल ने दम घुटने पर हांथ पैर चलाये तो धीरज ने लोहे की रॉड से विशाल के पैरों पर ताबड़तोड़ वार कर दिया जिससे विशाल की मृत्यू हो गयी। जिसके बाद विशाल के शव को बोरे में भरकर सीतापुर के भटपुर गांव के पास गोमती नदी में फेंक दिया। दो दिन तक शव नदी में तलाशने के बाद भी शव न मिलने पर सोमवार को एनडीआरएफ की मदद से शव की तलाश की गई लेकिन तीसरे दिन भी शव प्राप्त नही हो सका।




