सदन में विपक्ष के असहयोगात्मक रवैये की ए.के. शर्मा ने की कड़ी निंदा,कही यह बात

विपक्ष जनहित के मुद्दों पर व्यवधान डालना लोकतंत्रात्मक परंपराओं के विपरीत

Lucknow news today। यूपी के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने विधान सभा एवं विधान परिषद के तृतीय सत्र के कार्यवाही में सहभागिता करते हुए सरकार के सभी महत्वपूर्ण विधायी कार्यों में अपनी भूमिका निभायी। सदन में उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सरकार की विकासपरक नीतियों को प्रमुखता से रखते हुए विपक्ष द्वारा सदन के कार्यों में रोड़ा अटकाने की नीति की कड़ी निन्दा की।

भारी शोर-शराबे के बीच सदन में अपने संबोधन के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि आजादी के लगभग 70 वर्षों तक उत्तर प्रदेश का बड़ा हिस्सा विकास से वंचित रहा। लाखों लोगों के घर अंधेरे में थे और आधे से अधिक मजरों में बिजली तो दूर, खंभे और तार तक नहीं पहुंचे थे। हमारी सरकार ने ऐसे लगभग डेढ़ लाख मजरों तक विद्युत पहुंचाकर सामाजिक और आर्थिक बदलाव का मार्ग प्रशस्त किया है। आज उत्तर प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। प्रदेश ने देश में सर्वाधिक बिजली मांग की सफल आपूर्ति कर सबसे अधिक विद्युत आपूर्ति का राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो मजबूत ऊर्जा अवसंरचना, बेहतर प्रबंधन और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है। नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, वितरण तंत्र का आधुनिकीकरण तथा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा रहा है।

सदन की कार्यवाही के उपरांत मीडिया से बातचीत में मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि विपक्ष की जनता के प्रति उदासीनता, जनहित के कार्यों के प्रति नकारात्मक सोच और सरकार के प्रत्येक विकास कार्य में व्यवधान डालने की प्रवृत्ति पूरे प्रदेश ने देखी है। लगातार नारेबाजी और सदन को बाधित करने की नीति के कारण तीन दिनों का बहुमूल्य समय नष्ट हुआ, जिसका नुकसान प्रदेश की जनता को हुआ। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ,. संसदीय कार्य मंत्री तथा विधानसभा अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि विपक्ष के निरंतर व्यवधान के बावजूद सरकार ने अपने सभी विधायी कार्य पूरे किए और अनुपूरक बजट भी सफलतापूर्वक पारित हुआ।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ बहस, सार्थक संवाद और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग विपक्ष का दायित्व होता है, लेकिन विपक्ष ने पूरे सत्र में केवल असहयोग और व्यवधान की राजनीति की। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की जनता ने विपक्ष की यह नकारात्मक कार्यशैली देखी है। जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण के कार्यों का मूल्यांकन करती है तथा समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से उसका उचित उत्तर भी देगी।