जालौन में चल रही भागवत कथा में भक्तों ने सुनी ये सुंदर कथा,

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रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । सदा अपने नेत्र, श्रवण और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। क्योंकि जैसा हम सुनते हैं, देखते हैं, ठीक वैसा ही आचरण करते हैं। ये आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप क्या देख रहे हैं, क्या सुन रहे हैं। देखना और सुनना अगर सुधरा हुआ हो, अच्छा हो तो व्यक्ति कभी गलत रास्ते पर नहीं जाएगा। जो उचित हो हमेशा वहीं देखो और सुनो। भगवान के नाम का आश्रय लो, सत्संग करो, वहीं हमारे साथ जाएगा। यह बात बाराही देवी मेला परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत् सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कथा व्यास पंडित रमाकांत व्यास ने कही।
श्री बाराही देवी मेला परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन भगवताचार्य पंडित रमाकांत व्यास ने कहा कि परमात्मा ही परम सत्य है। जब हमारा ध्यान परमात्मा में लगेगा तो संसार गायब हो जाएगा। भगवान संसार से जुड़े भी हैं और अलग भी हैं। जैसे आकाश में बादल रहता है और बादल के अंदर भी आकाश तत्व है। बादल के गायब होने पर भी आकाश गायब नहीं होता। इसी तरह संसार गायब होने पर भी परमात्मा गायब नहीं होते। संसार की कोई भी वस्तु भगवान से अलग नहीं है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के घरों से माखन चोरी की। इस घटना के पीछे भी आध्यात्मिक रहस्य है। दूध का सार तत्व माखन है। उन्होंने गोपियों के घर से केवल माखन चुराया अर्थात सार तत्व को ग्रहण किया और असार को छोड़ दिया। प्रभु हमें समझाना चाहते हैं कि सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है। इसलिए संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपने समय, साधन और सामर्थ को अपव्यय करने की जगह हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है। इस मौके पर पारीक्षित पुष्पा देवी, ओमप्रकाश याज्ञिक, रामकुमार, हिम्मत सिंह, पवन याज्ञिक, अरविंद सिंह, संतोष कुमार, अर्चना, सुनीता, शशि, विनीता, दिव्या आदि रहे।