फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले में एमडीए कार्यक्रम 10 अगस्त से,,सीडीओ ने की ये अपील

MDA program in the district for eradication of filaria from August 10, CDO made this appeal

सीडीओ की अपील – संचारी रोगों से बचाव को साफ़ सफ़ाई और फाइलेरिया से बचाव को दवा का सेवन जरूरी

(रिपोर्ट – अमित चतुर्वेदी )

Auraiya news today । संचारी रोगों से निपटने के लिए औरैया जिले में एक जुलाई से 31 जुलाई के मध्य संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान और फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम 10 अगस्त से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलाया जाएगा। इन अभियान को सफल बनाने के लिए शासन एवं स्वास्थ्य विभाग काफी सक्रिय है और तैयारियों में जुटे हैं।

इसी क्रम में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय बैठक विकास भवन के सभागार कक्ष में आयोजित हुई। सीडीओ ने कहा कि राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जुलाई माह में संचालित होने वाले अभियान में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रत्येक घर पर जाकर क्षय रोग, कुष्ठ रोग समेत संचारी रोगों से पीड़ित लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। साथ ही समस्त ब्लॉकों में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा वितरण (एमडीए) कार्यक्रम 10 अगस्त से संचालित किया जाएगा। इसमें आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन अपने समक्ष कराएंगी। उन्होंने अपील की है कि फाइलेरिया से बचने के लिए हर साल चलने वाले एमडीए राउंड के दौरान दवा का सेवन अवश्य करें। इस दवा का सेवन दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमार को छोड़कर सभी को करना है। सीडीओ ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर प्रयास करें।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान में सभी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माइक्रोप्लान के तहत कार्य करेंगी। वह घरों व आस-पास जल भराव न होने देने, साफ-सफाई रखने, ताजा भोजन करने, पानी उबाल कर पीने, साबुन से हाथ अच्छी तरह से धोने, खुले में शौच से नुकसान आदि के बारे में जागरूक करेंगी। अभियान में ‘हर रविवार मच्छरों पर वार’ पर भी ज़ोर दिया जाएगा। किसी भी प्रकार के रोग से पीड़ित होने पर रोगी को 108 एंबुलेंस की मदद से सीएचसी व पीएचसी पर पहुंचायेगी ताकि उन्हें समुचित इलाज मिल सके।
एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ राकेश सिंह ने बताया कि अभियान शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षक, ग्राम प्रधान, नगर पालिका व नगर पंचायत कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एमडीए की दवा फाइलेरिया के परजीवियों को नष्ट करने के साथ पेट के अन्य कीड़ों व समस्याओं को दूर करने में भी मदद करती हैं। इसलिए सभी लोग इस दवा का सेवन करें जिससे वह इस बीमारी से बच सकें। दो साल से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को इन दवाओं का सेवन नहीं करना है। दवा को चबाकर खाना है। खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है।
डॉ सिंह ने बताया कि एमडीए दवा का सेवन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित आईसीडीएस, पंचायती राज व ग्राम विकास, जिला विधालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, आपूर्ति, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, आजीविका, आईएमए, सूचना अधिकारी आदि का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, पाथ, पीसीआई, सीफार व अन्य स्थानीय संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। बताया कि फाइलेरिया बीमारी मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है। यह बीमारी मुख्यतः व्यक्ति के शरीर के चार अंगों जैसे पैर, हाथ, अंडकोष और महिलाओं के स्तन को प्रभावित करती है। शुरुआत में इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखाई देते । इसके लक्षण दिखने में 10 से 15 साल लगते हैं। इसलिए सभी को फाइलेरिया से बचाव की दवा खाना बेहद जरूरी है। जिससे उचित समय पर ही इसकी रोकथाम की जा सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (50 व 100 शैय्या जिला चिकित्सालय), समस्त एसीएमओ, अंधता निवारण, क्षय रोग, कुष्ठ रोग, मलेरिया व सर्विलान्स अधिकारी, सूचना, बेसिक शिक्षा व अन्य विभागों के अधिकारी, आईएमए अध्यक्ष, डीपीएम, सहायक मलेरिया अधिकारी सहित यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई, सीफार संस्था के जिला प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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