प्रधानमंत्री ने योग को विश्व में सम्मान दिलाने का किया कार्य _ प्रतिंभा शुक्ला
(ब्यूरो रिपोर्ट)

Auraiya news today । उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में योग आयोजन समिति दिबियापुर के तत्वाधान में रविवार को जिले के सैकड़ों योग साधको का सम्मान समारोह दिबियापुर नगर के विकास वैली रिसोर्ट रेलवे स्टेशन बिजली पावर हाउस के पास बाल विकास पुष्टाहार राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने सदर विधायिका गुड़िया कठेरिया राघव मिश्रा अध्यक्ष नगर पंचायत दिबियापुर ,समारोह की अध्यक्षता कर रहे अनिल शुक्ला वारसी पूर्व सांसद, योग आयोजन समिति दिबियापुर के संयोजक एवं जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन औरैया के चेयरमैन राजेश कुमार अग्निहोत्री प्रधानाचार्य व मनीष मिश्रा, सहसंयोजक मनमोहन सिंह सेंगर,भाजपा नेत्री चंद्रकांती मिश्रा,ललिता दिवाकर, ऋतु चंदेरिया,अजय शुक्ला अंजाम ,अरुण त्रिपाठी , डा रामचंद्र दीक्षित,अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद जिलाध्यक्ष पंडित ब्रज किशोर तिवारी , रामू पांडे की उपस्थिति में प्रमाण पत्र देकर किया।
राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि योग हमारे देश की प्राचीन पद्धति है। इसे विश्व में सम्मान दिलाने का कार्य देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। कहा कि योग से मानसिक और भौतिक स्वास्थ्य को फायदा मिलता है। अपने आप को तंदुरुस्त रखने के लिए योग से अच्छी दुनिया में कोई पद्धति नहीं है। अध्यक्षता इस रहे पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने कहा कि मनुष्य के जीवन में पहला सुख उसकी निरोगी काया है। मनुष्य की काया को निरोगी बनाने के लिए योग सबसे सशक्त माध्यम है।

सदर विधायिका गुड़िया कठेरिया ने कहा कि योग अनुशासन, समर्पण, निरोगी, एकाग्रता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। इससे पूर्व आयोजको ने मुख्य अतिथियों का शाल,स्मृति चिह्न देकर ,बुके भेंटकर स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने कार्यकम का शुभारंभ मां सरस्वती की चित्र पर मालार्पण कर पूजन अर्चन kr दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन औरैया के एवम योग आयोजन समिति के सभी पदाधिकारी गण उपस्थित रहे। वही योग साधक योगाभ्यासी बालक बालिकाओ ने योग से संबंधित आकर्षक झलकियां भी प्रस्तुत की और राष्ट्र कवि अजय अंजाम ने भी अपनी कविताओं को सुनाकर लोगो को तालिया बजाने पर मजबूर कर दिया । राज्यमंत्री ने आकर्षक झलकियां प्रस्तुत करने वाली योग साधकों को माल्यार्पण कर पुरस्कृत भी किया।






