छह दिन पूर्व पुलिस को चकमा देकर हुआ था फरार
(ब्यूरो न्यूज़ )

Jalaun news today । उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद बीते 6 दिनों से फरार और 25 हजार के इनामी अपराधी पवन बंजारा ने आखिरकार पुलिस के दबाव के आगे घुटने टेक दिए और कोतवाली में आत्मसमर्पण कर दिया। उसके सरेंडर से पुलिस ने भी चैन की सांस ली है। समझा जा रहा है कि एनकाउंटर के डर से नारकोटिक्स एक्ट के न्यायालय से भागे 25 हजार के इनामी अभियुक्त पवन बंजारा ने बड़े ही नाटकीय ढंग से शुक्रवार की सुबह कोतवाली पुलिस के सामने खुद को प्रस्तुत कर दिया। पुलिस ने उससे पूंछतांछ के बाद जिला मुख्यालय भेज दिया है।
तहसील परिसर में शुक्रवार को सुबह से ही गहमागहमी थी जो इस बात की ओर इशारा कर रही थी कि कुछ अप्रत्याशित होने वाला है। 10.30 बजे के आसपास पवन बंजारा पैदल चलता हुआ जब कोतवाली की ओर बढ़ रहा था तभी मीडिया कमिर्यों की निगाहों में आ गया और जैसे ही वह कोतवाली के गेट पर पहुंचा, एसएसआई उदयपाल सिंह और कांस्टेबल राजाभैया ने अंदर से दौड़ लगाकर उसे हिरासत में ले लिया। सीओ रामसिंह और कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नागेंद्र कुमार पाठक ने उससे पूंछतांछ की और कड़ी पुलिस सुरक्षा में उसे जिला मुख्यालय ले जाया गया।
चकमा देकर हुआ था फरार
हमारे स्थानीय सहयोगी के अनुसार सप्ताह भर पहले शुक्रवार शाम कोतवाली पुलिस ने कोंच नगर के जयप्रकाश नगर निवासी शातिर बदमाश पवन बंजारा को 1 किलो से अधिक मात्रा में गांजे के साथ पकड़ा था और उसके अगले रोज शनिवार को उसे कोंच पुलिस द्वारा उरई न्यायालय ले जाया गया था जहां एनडीपीएस एक्ट का यह अभियुक्त पुलिस को चकमा देकर न्यायालय से भाग निकला था। इस मामले में दो सिपाहियों को न केवल निलंबित किया गया है बल्कि उनके खिलाफ उरई कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। पवन बंजारा के फरार होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मची हुई थी। पुलिस कप्तान डॉ. ईराज राजा ने उसकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी और सर्विलांस के अलावा पुलिस की भी कई टीमें लगाई थीं। इसके बाद से ही पुलिस दिन-रात एक कर लगातार उसके छिपने के संभावित यूपी व एमपी के ठिकानों पर दविशें मार रही थी। चर्चा है कि बंजारा पर चारों तरफ से दबाव बनाने के लिए पुलिस ने बंजारा से जुड़े तमाम लोगों को उठा लिया था। इसके साथ ही उसे भगोड़ा करार देते हुए उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस कप्तान ने 25 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया था। चर्चा यह भी है कि इनाम की राशि को और बढ़ने की आशंकाओं को देखते हुए शायद बंजारा को एनकाउंटर का भी डर सताने लगा था। समझा जा रहा है कि डरे हुए बंजारा ने खुद ही आत्मसमपर्ण की पटकथा लिख डाली और बड़े ही नाटकीय ढंग से शुक्रवार की सुबह कोतवाली पहुंच गया।






