गलती में तुरंत सुधार के लिए रहते हैं हमेशा तैयार : कुलपति
(रिपोर्ट – संजय सिंह)
Lucknow news today । लखनऊ विश्वविद्यालय के ए पी सेन सभागार में कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय की अध्यक्षता में लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी और रायबरेली के महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रबंधकों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा कि हमसे गलती हो सकती है, लेकिन हम उस त्रुटि को तुरंत सुधार करने के लिए तैयार रहते हैं। विचारों में मतभेद हो सकता है, लेकिन विश्वविद्यालय और छात्र हित सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के छात्रों एवं शिक्षकों को विश्वविद्यालय परिसर स्थित टैगोर लाइब्रेरी के आर्ट गैलरी और रीडिंग रूम को अवश्य देखना चाहिए, जिससे आप अपने महाविद्यालय में भी उसे आधार पर आवश्यक सुधार कर सकें। मैं और विश्वविद्यालय के तमाम प्रशासनिक अधिकारी विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए हमेशा उपलब्ध हैं, जो बच्चों से वार्ता करके उनके समस्याओं को सुलझाने का हमेशा प्रयत्न करते रहते हैं। बच्चे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रशंसा और शिकायत दोनों करते हैं। हम लोगों को अविलम्ब उनकी शिकायतों का निस्तारण करना होता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न महाविद्यालयों में मैनेजमेंट कमेटी के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक भेजना आवश्यक होता है, जिससे वहां पर चुनाव नियमानुसार संपन्न हो सकें। आगे आने वाले सालों में प्रवेश से संबंधित डाटा डिस्प्ले किया जाएगा जिससे कि यह पता चले कि कौन सा छात्र किस महाविद्यालय में प्रवेश लेना चाहता है। उसका च्वाइस क्रमानुसार प्रदर्शित किया जाएगा। महाविद्यालयों में इसी च्वाइस को लेकर आपस में प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के मूल्यांकन के लिए यह आवश्यक एवं अति महत्वपूर्ण है। गुणवत्ता होने पर ही स्थायित्व आएगा।

कुलपति ने कहा कि आप लोग अपने-अपने महाविद्यालय का एकेडमिक ऑडिट अवश्य कराएं। महाविद्यालय के शिक्षकों की प्रैक्टिकल और मौखिक परीक्षा में भागीदारी बढ़ाई गई है। लेकिन कोई भी शिक्षक पांच कॉलेज से अधिक नहीं जा सकता। विशेष परिस्थिति में इस पर अंतिम निर्णय कुलपति का होगा। प्रैक्टिकल और मौखिक परीक्षा का अंक लिखित परीक्षा के पूर्व पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। कुलपति ने बताया कि महीने का आखिरी शनिवार समाधान दिवस होगा और कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और वित्त अधिकारी एक साथ उपलब्ध होंगे और इस समाधान दिवस पर वे विभिन्न महाविद्यालयों से संबंधित समस्याओं का निस्तारण करेंगे।

इस बैठक में कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी, वित्त अधिकारी हिमानी चौधरी, डीन सीडीसी प्रो.अवधेश त्रिपाठी और कुछ अन्य शिक्षक भी सम्मिलित थे।







