(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । नगर जालौन के रामलीला भवन में चल रहे 175वें महोत्सव में विभीषण के भगवान श्रीराम के शरण में जाने और अंगद-रावण के बीच हुए चुटीले संवाद का भरपूर आनंद श्रोताओं ने उठाया।
रामलीला मंचन में दृश्य की शुरूआत समुद्र किनारे राम की सेना के जमावड़े से हुई। राम सेना समुद्र से आगे जाने का रास्ता तलाश रही होती है। उधर, रावण दरबार में विभीषण राम से युद्ध न करने की सलाह देता है, लेकिन रावण उसे लात मारकर बाहर निकाल देता है। यहां से विभीषण निकलकर राम की शरण में जा पहुंचता है। विभीषण को श्रीराम लंका का राजा घोषित कर देते हैं। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालु श्रीराम के जयकारे लगाते हैं। दूसरे दृश्य में रावण के भव्य दरबार में अंगद पहुंचते हैं। अंगद धर्मदृष्टि का हवाला देते हुए रावण को युद्ध न करने की नसीहत देते हैं, लेकिन रावण तर्क-वितर्क शुरू कर देता है। दोनों के बीच चुटीले संवाद आरंभ हो जाते हैं। इनका दर्शक भरपूर लुत्फ उठाते हैं। आखिर में अंगद चेतावनी देकर चले जाते हैं। भगवान राम के जयकारों के साथ लीला का समापन हुआ। कार्यक्रम में श्रीराम की भूमिका में विवेक मिश्रा, लक्ष्मण केके शुक्ला, हनुमानजी रमेश दुबे, विभीषण नरेंद्र, अगंद प्रयाग दुबे, रावण रामकेश दुबे, मंदोदरी बने रामप्रकाश शर्मा ने जीवंत अभिनय कर दर्शकों की तालियां बटोरी।






