(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । हरी मटर के व्यापार में पैकिंग छोटी कराने को लेकर व्यापारियों ने बुधवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसको लेकर एसडीएम के निर्देश पर मंडी सचिव ने व्यापारियों की समस्याओं को सुना और उनका समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
बुधवार को मटर व्यापारी हाजी रसूल राई, सोहराब राईन, इकबाल मंसूरी, अब्दुल हकीम, मोहम्मद सुलेमान, अशफाक राईन, मोहम्मद सईद, रविंद्र कुमार, जीतेंद्र कुमार, पंकज गुप्ता, छत्रपाल सिंह, नीशू गुर्जर, नरेंद्र द्विवेदी आदि ने एसडीएम सुरेश कुमार को मंडी में हरी मटर की पैकिंग जो 80 से 90 किग्रा होती है उसे घटाकर 40 से 50 किग्रा कराए जाने की मांग की थी। अन्यथा की स्थिति में व्यापारियों ने मंडी में हरी मटर न खरीदने की बात कही थी। व्यापारियों की समस्याओं पर एसडीएम ने मंडी सचिव को निर्देश दिए थे। एसडीएम के निर्देश पर मंडी सचिव वीरेंद्र कुमार ने हरी मटर के व्यापारियों के साथ बैठक की। जिसमें व्यापारियों ने बताया कि जालौन में हरी मटर की सबसे अधिक खरीद की जाती है। यहां की मटर पूरे देश में जाती है। देश की विभिन्न मंडियों में पैकिंग 40 से 50 किग्रा की जाती है। जबकि स्थानीय मंडी में हरी मटर की पैकिंग 80 से 90 किग्रा की जा रही है। बड़ी पैकिंग में बाहर की मंडियों में खरीद नहीं होती है। जिससे व्यापारियों को नुकसान होता है। यदि पैकिंग 40 से 50 किग्र्रा की होगी तो आसानी से उसे बाहर की मंडियों में बेचा जा सकता है। व्यापारियों की समस्याओं को सुनकर मंडी सचिव ने उनकी समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।





