
Lucknow news today। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें एटीएस लखनऊ में नियुक्त
निरीक्षक सन्तोष तिवारी ‘कौशिल‘ की पुस्तक ‘‘ये जरूरी तो नहीं‘‘ का विमोचन किया गया। पुलिस मुख्यालय में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में पुस्तक का लोकार्पण मुख्य अतिथि यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरूण एव डीजीपी प्रशान्त कुमार द्वारा किया गया।

उक्त कार्यक्रम का शुभारम्भ पुलिस महानिदेशक प्रशान्त कुमार मुख्य अतिथि असीम अरूण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), समाज कल्याण, द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कायर्क्रम की अध्यक्षता करते हुए डीजीपी ने पुस्तक के
लेखक संतोष तिवारी ‘कौशिल‘ को उनकी इस प्रतिभा के लिए शुभकामनाएं दी तथा कहा कि पुलिस विभाग में रहते हुए साहित्य का सृजन थोड़ा जटिल है लेकिन अगर
व्यक्ति में संवेदनशीलता है तो वह अवश्य ही साहित्य सृजन भी कर सकता है। संतेाष तिवारी ‘कौशिल‘ का राजकीय कार्य करते हुए पुस्तक लिखना एक सराहनीय कार्य
है। उन्होंने सभागार में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों एव सम्माानित जन को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), समाज कल्याण असीम अरुण ने कहा कि पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में आकर आज मुझे बहुत अच्छा
लगा तथा निरीक्षक सन्तोष तिवारी ‘कौशिल‘ को बधाई देते हुए उनकी पुस्तक की कुछ रचनाओं को अपने वक्तव्य में शामिल भी किया। मुख्य अतिथि द्वारा पुस्तक के लेखक निरीक्षक संतोष तिवारी की पूर्व में नियुक्ति के दौरान अपने संस्मरण साझा करते हुए इनके कार्यो की सराहना करते हुये उज्जवल भविष्य की कामना की गयी।
इस अवसर पर प्रकाश डी अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे, डाॅ0 एन0 रविन्दर अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिदेशक के जीएसओ, डाॅ0 जी के गोस्वामी
निदेशक यू0पी0एस0आई0एफ0एस0, एन चैधरी आईजी एटीएस, राजीव मलहोत्रा डीआईजी यू0पी0एस0आई0एफ0एस0 सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एव गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कायर्क्रम के अंत में लेखक सन्तोष तिवारी द्वारा सभागार में उपस्थित समस्त
वरिष्ठ अधिकारीगण का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि यह तीसरी पुस्तक है इसके पूर्व एक कृति ‘‘मेमसाब’’ राज्य सरकार से अमृतलाल नागर पुरस्कार से पुरस्कृत हो चुकी है।




