रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । तैलिक समाज के लोग एकजुट, बच्चों को अच्छी शिक्षा दें यही देश का भविष्य है, राजनीति में भी समाज के लोग भागीदारी बढ़ाएं तभी आपको पहचाना जाएगा। जाति में अलग अलग उपनाम छोड़कर एक ही जाति तैलिक लिखें। यह बात तैलित समाज सेवा फाउंडेशन की ओर से आयोजित मेधावियों के सम्मान समारोह में नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरू और छिदबाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू ने मेधावियों के सम्मान समरोह में कही।
तैलिक समाज सेवा फाउंडेशन और राठौर समाज सेवा मंडल की ओर से नगर स्थित एक गेस्ट हाउस में डॉक्टर कमलेश राठौर की अध्यक्षता में मेधावियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर गुरू ने कहा कि शिक्षा, संगठन और सामाजिक सहभागिता ही किसी भी समाज की वास्तविक ताकत होती है। तैलिक समाज को अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के साथ-साथ राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी बढ़ानी चाहिए। जब समाज के लोग हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे तभी उनकी अलग पहचान बनेगी। क्योंकि किसी भी समाज की प्रगति का आधार शिक्षा होती है। आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं, इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने में कोई कमी न छोड़ें। तैलिक समाज मेहनती और प्रतिभाशाली लोगों का समाज है। आवश्यकता केवल संगठित होकर आगे बढ़ने की है। उन्होंने युवाओं से समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। यदि समाज के लोग नेतृत्व की भूमिका में आगे आएंगे तो उनकी समस्याओं का समाधान भी प्रभावी ढंग से होगा। उन्होंने मेधावी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि सम्मान केवल उपलब्धियों का नहीं, बल्कि आगे और बेहतर करने की प्रेरणा भी होता है। कार्यक्रम में राज्यमंत्री व सांसद ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन रोहित राठौर और लक्ष्मीनारायण ने संयुक्त रूप से किया। अंत में आयोजक योगेंद्र राठौर ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर नगर पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि पुनीत मित्तल, सतेंद्र खत्री, योगेंद्र राठौर, जयनारायण राठौर, अशोक राठौर, राठौर समाज के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह, संस्था प्रबंधक संजीव राठौर, अध्यक्ष उमाशंकर, भूरे मामा, गौरव राठौर, मूलनारायण, कुलदीप, गिरजाशंकर, संजय, आकाश, शलेंद्र, शिवकुमार, पवन, नंदकिशोर आदि रहे।
बौद्धिक कॉउन्सिल ग्रुप के पदाधिकारियों ने दिया राज्यमंत्री को ज्ञापन, उरई जालौन अलग अलग जिला बनाने की मांग
जालौन। जनपद जालौन का प्रशासनिक पुनर्गठन कर उरई और जालौन नाम से दो अलग-अलग जिलों का गठन किए जाने की मांग को लेकर बौद्धिक काउन्सिल ग्रुप ने नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु को ज्ञापन सौंपा है।
संगठन के अध्यक्ष वाचस्पति मिश्रा और सचिव केसी पाटकार ने नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरू को ज्ञापन देकर बताया कि जनपद जालौन क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से काफी बड़ा है, जिसके कारण आम लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। जनपद के दूर दराज क्षेत्रों के नागरिकों को राजस्व, न्यायिक, प्रशासनिक और अन्य सरकारी कार्यों के लिए जिला मुख्यालय तक पहुंचने में समय और धन दोनों अधिक खर्च करना पड़ता है। इससे आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जनपद का प्रशासनिक पुनर्गठन आवश्यक है। बताया कि जालौन और उरई दोनों नगर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पहचान रखते हैं और जिला मुख्यालय के रूप में विकसित होने की पर्याप्त क्षमता भी रखते हैं। यदि जनपद को दो हिस्सों में विभाजित कर उरई और जालौन नाम से पृथक जिले बनाए जाते हैं तो प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और जनसुलभ हो सकेगी। अलग जिला बनने से नगर जालौन के विकास को नई गति मिलेगी। पृथक जिला बनने पर सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा तथा क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। **







