रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन ब्लॉक संसाधन केंद्र भिटारा पर दिव्यांग बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा दिलाने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। संदर्भदाताओं द्वारा शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन संदर्भदाता ब्रह्मनंद राजपूत ने कहा कि शिक्षकों को कक्षाओं में ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहां सभी बच्चे एक साथ शिक्षा ग्रहण करें और सहयोग की भावना विकसित हो। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता की पहचान के तरीकों को किट के माध्यम से समझाया गया। बताया कि यह दिव्यांग बच्चों की जरूरतों को समझने और उनके लिए समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होगा। संदर्भदाता नीरज पांचाल ने विभिन्न प्रकार के दिव्यांग बच्चों की पहचान, शारीरिक बाधाओं की स्क्रीनिंग, श्रवण दिव्यांगता के लक्षण हियरिंग स्क्रीनिंग, दृष्टि दिव्यांगता के प्रकार और कारण, विशिष्ट अधिगम दिव्यांगता के बारे में शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। बताया कि इनके माध्यम से दिव्यांग बच्चों के विषय में जानकारी प्राप्त करके उन्हें सामान्य बच्चों के समान अधिगम स्तर पर लाया जा सकता है। प्रशिक्षण में दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए टिप्स दिए गए। सुबह 10 बजे से सायं पांच बजे तक चलने वाले प्रशिक्षण शिविर में दोपहर लगभग तीन बजे जब प्रशिक्षण शिविर को देखा गया तो 50 बैच के शिक्षकों में अधिकांश शिक्षक नदारत मिले। शिविर में बमुश्किल 20 से 25 अध्यापक उपस्थित मिले।
BEO ने कही यह बात
इस बाबत बीईओ प्रीति राजपूत ने बताया कि यदि शिक्षक शिविर के बीच में ही चले गए हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी और शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।





