शहीद पुलिसकर्मी के परिवार को 1.90 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
मृतक पुलिस कर्मियों के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की घोषणा
ब्यूरो रिपोर्ट

Orai / Jalaun news today । जनपद जालौन के लिए बुधवार का दिन बेहद भावुक और शोकपूर्ण रहा जब हरियाणा सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चार पुलिस कर्मियों को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सुबह करीब 7.30 बजे चारों वीर जवानों के पार्थिव शरीर हरियाणा से उरई स्थित पुलिस लाइन पहुंचे जहां शोक की लहर दौड़ गई। वहां मौजूद हर पुलिस कर्मियों की आंख नम थी और माहौल गमगीन हो उठा।

पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जनपद के सभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। डीजी आलोक सिंह और आईजी आकाश कुलहरी ने सबसे पहले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके पार्थिव शरीर को कंधा देकर अंतिम सम्मान दिया। यह दृश्य हर किसी के दिल को झकझोर देने वाला था। कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ ईशान सोनी समेत सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने शहीद जवानों को अंतिम सलामी दी। पूरे परिसर में “अमर रहें” के नारों के बीच शहीदों को विदाई दी गई। इस दौरान शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अपनों को खोने का दर्द हर चेहरे पर साफ झलक रहा था। साथी पुलिस कर्मी भी भावुक नजर आए और कई की आंखें नम हो गईं।

श्रद्धांजलि सभा के बाद पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंप दिए गए जिसके बाद पुलिस ट्रक से वह अंतिम संस्कार के लिए अपने-अपने गृह जनपदों के लिए रवाना हुए। शहीदों में उप निरीक्षक सत्यभान सिंह का पार्थिव शरीर कासगंज, उप निरीक्षक मोहित यादव का कन्नौज, सिपाही अशोक का बांदा और सर्विलांस में तैनात सिपाही प्रदीप कुमार का शव रायबरेली के लिए रवाना किया गया। इस मौके पर डीजी आलोक कुमार ने बड़ा ऐलान करते हुए प्रत्येक शहीद पुलिसकर्मी के परिवार को 1 करोड़ 90 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। यह घोषणा सुनकर परिजनों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी लेकिन अपनों की कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता। यह हादसा न सिर्फ जालौन पुलिस बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी क्षति है। चार जांबाज पुलिस कर्मियों का यूं असमय जाना सभी को गहरे दुख में डाल गया है। उनकी शहादत और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा याद रखी जाएगी। अंतिम विदाई के इस भावुक क्षण में हर कोई यही कह रहा था देश सेवा में समर्पित इन वीर सपूतों को शत-शत नमन आपकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।






