जालौन के इस स्थान पर मनाई गई महाराणा प्रताप की जयंती,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । महान प्रतापी महाराणा प्रताप की 492वीं जयंती महाराण प्रताप साइंस एकेडमी इंटर कॉलेज में मनाई गई। बच्चों ने कार्यक्रम प्रस्तुत कर उनके जीवन का प्रदर्शन किया। अध्यापकों ने भारत के गौरवशाली अतीत की जानकारी देकर बच्चों को महापुरूषों के पदचिन्हों पर चलने के लिए जागरूक किया।
शनिवार को महान प्रतापी राजा महाराणा प्रताप की 492वीं जयंती पर नगर के महाराणा प्रताप साइंस एकेडमी इंटर कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक मंगलसिंह चौहान व प्रधानाचार्य रघुवीर सिंह राजावत द्वारा महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। प्रबंधक मंगल सिंह चौहान ने कहा कि मेवाड़ के 13वें राजपूत राजा महाराणा प्रताप का जन्म 1540 में हुआ था। महाराणा प्रताप को उनकी बहादुरी के लिए जाना जाता है। हल्दी घाटी में मुगल शासक अकबर के खिलाफ लड़ा गया युद्ध इतिहास के सबसे चर्चित युद्ध में से एक है। इस युद्ध में अपनी छोटी सी सेना के साथ, उन्होंने मुगलों की विशाल सेना को नाकों चने चबवा दिए थे। जंगल में रहकर घास की रोटी खाने वाले महाराणा ने मातृभूमि के हितार्थ झुकना स्वीकार नहीं किया। रघुवीर सिंह राजावत ने कहा कि अपने शौर्य, पराक्रम और बहादुरी के लिए पहचाने जाने वाले अमर बलिदानी महाराणा प्रताप की जयंती पर हमें उनके मातृभूमि के रक्षा के लिए उनसे सीख लेने की जरूरत है। आज भी उनका नाम लेते ही रगों में देशभक्ति और बहादुरी अपने आप दौड़ पड़ती है। इस दौरान बच्चों ने महाराणा प्रताप की जीवन गाथा प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिन्हें देखकर उपस्थितजन सिहर उठे। इस मौके पर हरिओम प्रजापति, कमल कुमार, जहीर, रंजीत सिंह राजावत, चंद्रभूषण, सुनील, अनुपमा, निधि, साक्षी, संगीता, धीरज, अमन, जितेंद्र आदि मौजूद रहे।