उरई-झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना को मिली रफ्तार0 237 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का कार्य जारी

उरई (जालौन)। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज ने बताया कि प्रदेश सरकार सड़क संपर्क को विकास का सबसे बड़ा माध्यम मानती है। बेहतर परिवहन व्यवस्था से औद्योगिक निवेश, व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जहां परिवहन के अधिक साधन उपलब्ध होते हैं, वहां विकास की गति स्वतः बढ़ जाती है।प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। झांसी स्थित बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र से प्रारंभ होकर जालौन तक प्रस्तावित इस परियोजना के लिए लगभग 237 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
परियोजना के अंतर्गत उरई तहसील के 11 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है। इनमें नंदा, कोटरा, बरसार, टिमरो, गोरन, फूलपुरा, काबिलपुरा सहित अन्य गांव शामिल हैं। प्रशासन द्वारा किसानों से लगातार संपर्क कर भूमि की रजिस्ट्री कराई जा रही है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 20 से 25 रजिस्ट्रियां संपादित की जा रही हैं तथा करीब 65 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को ग्रामीण क्षेत्रों में सर्किल रेट का चार गुना तथा शहरी क्षेत्रों में दो गुना मुआवजा दिया जा रहा है। रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण होने के लगभग 15 दिनों के भीतर किसानों के खातों में मुआवजा राशि हस्तांतरित की जा रही है, जिससे किसानों में संतोष का माहौल है। प्रशासन किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करते हुए परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद बुंदेलखंड क्षेत्र में आवागमन और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।