चन्द्रभानु गुप्त जी का जीवन त्याग, समर्पण और मूल्यों की राजनीति का प्रेरणास्रोत : सतीश महाना

Lucknow news today । उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि किसी महापुरुष के नाम पर दिया जाने वाला सम्मान उनके त्याग, तपस्या और समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए प्रदान किया जाता है। राजनीतिक क्षेत्र के सम्मानों से भी बड़ा सम्मान वह होता है, जो किसी महान व्यक्तित्व के आदर्शों और सिद्धांतों से जुड़ा हो। चन्द्रभानु गुप्त के नाम से दिया जाने वाला सम्मान अत्यंत गौरवपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा और मूल्यों की राजनीति के लिए समर्पित किया।
श्री महाना मंगलवार को रवीन्द्रालय प्रेक्षागृह, चारबाग लखनऊ में आयोजित “चन्द्रभानु गुप्त राष्ट्र गौरव सम्मान-2026” समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन मोतीलाल मेमोरियल सोसाइटी एवं भारत सेवा संस्थान द्वारा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं समाजसेवी स्वर्गीय चन्द्रभानु गुप्त जी की 125वीं जयंती के अवसर पर किया गया।


विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि चन्द्रभानु गुप्त जी ने सदैव सिद्धांतों और मूल्यों की राजनीति की। वर्तमान समय में जहां कई बार समायोजन की राजनीति देखने को मिलती है, वहीं सिद्धांतवादी व्यक्ति को अपने मार्ग पर चलने में कभी परेशानी नहीं होती। उन्होंने कहा कि चन्द्रभानु गुप्त जी ने शिक्षा, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में जो कार्य किए, वे सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।
श्री महाना ने कहा कि धन से किसी व्यक्ति की यश और कीर्ति में वृद्धि नहीं होती, बल्कि सेवा, सद्भाव और समाज के लिए किए गए कार्य ही व्यक्ति को अमर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि आज समाज में अक्सर यह चिंता रहती है कि लोग क्या कहेंगे, लेकिन अच्छे और आलोचना करने वाले दोनों प्रकार के लोग मिलते हैं। आवश्यकता इस बात की है कि व्यक्ति अपने उद्देश्य और कर्तव्य के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।


उन्होंने कहा कि किसी वस्तु को प्राप्त करना आसान हो सकता है, लेकिन उसका त्याग करना कठिन होता है। समाज के लिए व्यक्ति ने कितना त्याग और समर्पण किया, यही उसके जीवन का वास्तविक मूल्यांकन है। चन्द्रभानु गुप्त ने जो मानक स्थापित किए हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक हैं।
श्री महाना ने कहा कि यह प्रेक्षागृह केवल एक भवन नहीं, बल्कि भावनाओं, स्मृतियों और समर्पण का प्रतीक है। चन्द्रभानु गुप्त जी के जीवन से प्रेरणा लेकर हम सभी को समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए।


इस अवसर पर चन्द्रभानु गुप्त राष्ट्र गौरव सम्मान-2026 के अंतर्गत कृषि एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. राम कठिन सिंह तथा समाज सेवा एवं दिव्यांगजन अधिकारों के क्षेत्र में कार्य करने वाले डॉ. हेमन्त भाई गोयल को सम्मानित किया गया। दोनों विभूतियों को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र एवं एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
कार्यक्रम में मोतीलाल मेमोरियल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं सांसद उज्ज्वल रमण सिंह, महामंत्री राजेश सिंह, भारत सेवा संस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक बाजपेयी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।