0 संवैधानिक विषयों को राजनीतिक ढाल बना जनता में भ्रम फैलाने से नहीं मिलेगी जीत
0 कांग्रेस की नीतियों को जनविरोधी बता देश की जनता ने नकार दिया

ब्यूरो रिपोर्ट
Orai / Jalaun news today । कांग्रेस को अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन रकना चाहिये। प्रशासनिक एवं संवैधानिक विषयों को राजनीतिक ढाल बनाकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने से कांग्रेस की समस्याओं का समाधान असंभव होगा। देश की जनता ने कांग्रेस की नीतियों को जनविरोधी बताकर उसे पूरी तरह से नकार दिया। उक्त बात जिला पंचायत अध्यक्ष, प्रशासक डा. घनश्याम अनुरागी ने अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुये कही।
उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही चुनावों में हार से बौखलाहट में कांग्रेस अपनी राजनीतिक नाकामियों को छिपाने के लिये बार-बार देश की संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करने के बजाये कांग्रेस और उसके नेता जनादेश का अनादर करने की अपनी आदतों से बाज नहीं आ रही है। जिला पंचायत प्रशासक ने डा. अनुरागी ने कहा कि कांग्रेस के कई बड़े नेता जान चुके हैं कि संवैधानिक व्यवस्था एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया में वह अब जनता का विश्वास पुनः हासिल नहीं कर सकते हैं। यही वजह है कि वह पूरे जनतांत्रिक सिस्टम पर भ्रम एवं झूठ फैलाकर उन्हें ध्वस्त करना चाहते हैं। इसी रणनीति के तहत वह संवैधानिक संस्थाओं पर अनर्गल हमला करते हैं। कांग्रेस जब भी चुनाव हारती है तब-त बवह चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश रचती है। अपनी जमीनी विफलता से जनता का ध्यान भटकाने के लिये इस तरह के बेबुनियाद बयान दिये जाते हैं। चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश भ्रम और मनगढ़ंत कहानियों की राजनीति पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। चुनाव आयोग की बैठक और संयुक्त प्रेस नोट से दूध का दूध और पानी का पानी हुआ। कांग्रेस व विपक्षी सिर्फ झूठ सनसनी और भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। अब कांग्रेस का झूठ बेनकाव हो गया हैं। तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिये गये एसआईआर सहित सभी फैसले, निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा का प्रतीक है। डा. अनुरागी ने कहा कि जब भी विपक्ष जनता की अदालत में पराजित होता है तो वह अपनी खीझ और हताशा निकालने के लिये संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप मढ़ने लगता है। निर्वाचन आयोग पर स्पष्ट और कड़े वक्तव्य ने विपक्ष के सीाी और दुर्भावनापूर्ण प्रोपेगंडा की हवा निकाल दी है। उन्होंने कहा कि सर्वसम्मति से हुए सभी फैसले विपक्ष का मतभेद का दवा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ हैं। कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजे गये पत्र पर विपक्ष का झूठ बेनकाब हो चुका है। फार्म-6 में कोई बदलाव नहीं हुआ इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगायी है। हर पात्र नागरिक को मताधिकार देने के लिये आयोग कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को देश की संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक लाभ के लिये निशाना बनाना बंद कर जनता से इस झूठे प्रचार के लिये माफी मांगनी चाहिए।
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