श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कर मुग्ध हुये सुनने वाले,,भागवताचार्य ने कही यह बात

Bhagwatcharya said this to the listeners who were enthralled by the taste of Srimad Bhagwat Katha.

(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । हमेशा सत्संग में बैठो क्योंकि व्यक्ति की जैसी संगत होती है उसकी सोच भी वैसी ही हो जाती है। यह बात शनिधाम मंदिर पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन भागवताचार्य वैष्णवी किशोरी ने उपस्थित भगवद् प्रेमियों के समक्ष कही।


नगर के शनि धाम मंदिर पर आयोजित सप्ताहिक श्रीमद्भगवद् ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन भगवताचार्य वैष्णवी किशोरी श्रीधाम वृदावन ने उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि तुम भगवान् के भक्त बनकर तो देखो वह सदैव तुम्हारे हितार्थ तत्पर रहेंगे। प्रभु राम की संगति में पशु भी अपना पशुवत व्यवहार छोड़ देता है, वहीं रावण की संगति में मानव भी पशुवत् व्यवहार अपना लेता है। राम-रावण, कृष्ण-कंस तथा द्रोपदी-दुर्याेधन की राशि एक होने के बाद भी उनके कर्म अलग-अलग होने से उनके चरित्रों में काफी असमानताऐं रहीं। व्यक्ति जैसे कर्म करता है, वैसा ही फल उसे प्राप्त होता है। इसलिए व्यक्ति को हमेशा ही सद्कर्मों को करने के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए। कथा श्रवण कर रहे श्रद्धालुओं में पारीक्षित विमला देवी, पुजारी रामकिशोर गोसाई, अनुराग शर्मा, बृजेश महाराज, मानवेंद्र परिहार, अनुराग तिवारी, राजा भइया, चंद्रभान मिश्रा, विमला, आरती, महिमा, प्रतिज्ञा, प्रीति, वंदना आदि मौजूद रहे।

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