(संजय सिंह की रिपोर्ट)
लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कस्बा काकोरी में एनबीडब्लू वारंट के आरोपियों को गिरफ्तारी से बचाने के मामले में तीस हजार रुपए वसूलने के आरोप में एक दीवान व सिपाही को पुलिस कमिश्नर द्वारा लाइन हाजिर कर दिया गया है । रिपोर्ट के अनुसार आरोप के प्रकरण की जांच पड़ताल का आदेश जारी हुआ।
यह था मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बेढौना गांव निवासी सुरेंद्र व सुशील का गांव में ही वर्ष 2009 में गांव के ही सुरेश से मार पीट व विवाद हुआ था। जिसको लेकर दोनो के खिलाफ एन बी डब्लू का वारंट आया हुआ था । वारंट कस्बा चौकी इंचार्ज राज बहादुर के पास रखा हुआ था । वारंटी सुरेंद्र व सुशील के पिता बाराती लाल ने बताया कि मुकदमा में वादी की मौत हो चुकी है ।जिसकी वजह वह मान रहे थे कि मुकदमा खत्म हो गया होगा। जिससे दोनो बेटे पेशी पर नहीं जा रहे थे । बाराती लाल का आरोप है कि बीते मंगलवार सुबह कस्बा चौकी पर तैनात दीवान मुकेश कुमार ,सिपाही विभोर घर पहुंच कर वारंट आने की बात कहते हैं जब वह उनसे वारंट संबंधी कागज दिखाने को कहते है तो दोनो सिपाही उन्हे धमकाने लगते है और जेल भेजने की धमकी देते हुए कहते हैं इस बार दोनो की दिवाली जेल में होगी । बाराती का आरोप है कि दोनो गिरफ्तारी से बचाव के लिए 40 हजार रुपए की मांग करते हैं ।जिस पर वह 30 हजार रुपए उन्हे दे देते हैं ।
जांच के बाद पुलिस कमिश्नर ने किया लाइन हाजिर
वर्दी वाले पुलिसकर्मियों के द्वारा किये गए इस असंवैधानिक कार्य का मामला इंटरनेट पर वायरल होने पर बुधवार को पुलिस कमिश्नरेट के द्वारा वसूली के आरोपी मुख्य आरक्षी 2290 मुकेश कुमार व आरक्षी 5048 विभोर कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया साथ ही मामले की जांच पड़ताल का आदेश जारी किया गया । वही आरोप है कि इससे पूर्व दोनो आरोपी पुलिसकर्मी मामले को दबाने के लिए वारंटी के परिजनो के घर पर जाकर सुलह समझौते के लिए प्रयास किया। परिजनो ने आरोप लगाया पुलिस द्वारा समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने का प्रयास किया ।जिसको परिजनो ने मना कर दिया।





