(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । जालौन नगर में स्थित छठी माता मंदिर परिसर में लगे पेड़ों को रात के अंधेरे में काटा जा रहा था। सभासद समेत समाजसेवियों को इसकी जानकारी होने पर वह मौके पर पहुंच गए। जहां कुछ लोग पेड़ काटते हुए मिले तो वहां नगर पालिका की गाड़ी भी खड़ी थी। आरोप है कि पड़ोसी गांव के प्रधान द्वारा अवैध रूप से पेड़ों को कटवाया जा रहा था। सभासद ने मामले की तहरीर कोतवाली में दी है।
हमारे स्थानीय सहयोगी से मिली जानकारी के अनुसार नगर में नहर रोड पर प्राचीन छठी माता का मंदिर स्थित है। इस मंदिर परिसर में छायादार पेड़ों के साथ ही यूकेलिप्टस के पेड़ भी लगे हैं। मंगलवार की रात करीब साढ़े आठ बजे रात के अंधेरे में यूकेलिप्टस के पेड़ों को काटा जा रहा था। इसकी जानकारी मोहल्ला खंडेराव के सभासद ललित वर्मा उर्फ ईलू मेंबर को हुई तो वह प्रदुम्न द्विवेदी, जयकरन यादव, रोहित, वीरू सेंगर, रामचंद्र गुप्ता, अभिनय सिंह के साथ मौके पर पहुंच गए। वहां उन्हें कुछ लोग पेड़ काटते हुए मिले और साथ में नगर पालिका की गाड़ी भी खड़ी थी। रात के अंधेरे में काटे जा रहे पेड़ों और वहां मौजूद नगर पालिका की गाड़ी पर उन्होंने विरोध भी जताया। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि समाचार पत्र वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

ईलू मेंबर ने बताया कि उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि क्षेत्रीय ग्राम लौना की प्रधान व मंदिर के पुजारी द्वारा पेड़ काटने का ठेका दिया गया था। मंदिर की संपत्ति किसी की निजी संपत्ति नहीं है। फिर पेड़ काटने का ठेका क्यों दिया गया। वहीं सपा नगर अध्यक्ष गौरीश द्विवेदी ने बताया कि जानकारी करने पर पता चला कि पेड़ों का काटने का प्रस्ताव ग्राम प्रधान द्वारा वर्ष 2021 में किया गया था। जबकि दिसंबर 2020 में नगर पालिका की सीमा का विस्तार हुआ था। सीमा विस्तार के बाद उक्त मंदिर नगर पालिका क्षेत्र में आ गया था। सीमा विस्तार के बाद मंदिर लौना गांव बाहर हद में रहा ही नहीं फिर ग्राम प्रधान द्वारा क्यों पेड़ काटने का प्रस्ताव पारित किया गया। पेड़ काटने पर मौके पर नगर पालिका की गाड़ी व कर्मचारियों की वहां मौजूदगी की भी जांच होनी चाहिए। उधर, सभासद ईलू मेंबर व उनके साथियों द्वारा पेड़ काटने को लेकर पुजारी व ग्राम प्रधान के खिलाफ कोतवाली में तहरीर भी दी गई है। बस बाबत ईओ सीमा तोमर ने बताया कि ग्राम सभा के प्रस्ताव के संदर्भ में उन्हें जानकारी नहीं है। रात में मंदिर परिसर में पेड़ टूटने की सूचना एसआई द्वारा दी गई थी। जिस पर टूटे पेड़ को हटाने के लिए गाड़ी व कर्मचारियों को भेजा गया था।






