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जालौन जनपद के इस नगर की आधी आबादी को जल्द मिल सकती बंदरों के आतंक से निजात,,,यह हो रहा इंतजाम

Half the population of this town of Jalaun district can soon get relief from the terror of monkeys, this arrangement is being made.

पालिका ने कटखने बंदरों को लेकर विशेषज्ञों से किया सम्पर्क

(ब्यूरो रिपोर्ट)

Jalaun / Kalpi news today । अगर सब कुछ ठीक रहा तो जालौन जनपद के कालपी नगर की जनता को बंदरों की समस्या से जल्द निजात मिल सकती है। पालिका परिषद ने इसके लिए बिशेषज्ञों से सम्पर्क किया है। अगर बात बनी तथा धन की कमी आडे न आई तो लोकसभा चुनाव बाद यह प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
नगर में बंदरों की समस्या किसी से छिपी नही लोग अपनी छतो का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं जिसमे सबसे ज्यादा संख्या टरननगंज, रामचबूतरा, इंदिरानगर, कागजीपुरा, मनीगंज, रामगंज, गणेशगंज के साथ रावगंज तथा तहसील और रेलवे स्टेशन में है। आलम यह है कि कभी कभार लोगों का घरों और रास्तों से निकलना मुश्किल हो जाता है।

प्रतिदिन औसतन 20 लोग होते उनके गुस्से के शिकार

बंदर सामान को ही क्षति नहीं पहुंचाते है बल्कि लोगों पर वह हमला भी कर देते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधीक्षक डा. दिनेश गुप्ता के अनुसार प्रतिदिन लगभग बीस लोग बंदरों के शिकार होकर आते हैं जिससे यहां एन्टी रैवीज के इन्जक्शनों की मांग अधिक रहती है।

बंदरों के हमलों से कई लोगों की हो चुकी मौत

ऐसा भी नहीं है कि महज एन्टीरैवीज के इन्जक्शन के लगाने से काम चल जाता है बल्कि कभी कभार उनके उत्पात से जान भी चली जाती है और लगभग तीन माह पहले ही भी घर की छत पर गेहू सुखा रही महिला ने बंदरों के भय से छत से छलांग लगा दी थी जिससे उसकी मौत हो गई थी इसके पहले बंदरों के छत से ईटा गिरा देने से दो सगी बहिनों की मौत हो चुकी है तो राजमिस्त्री भी इनके भय से सीढ़ियों से लुढ़ककर दम तोड़ चुका है।

क्या कहते नगर पालिका परिषद के ईओ

बंदरों के आतंक से आजिज लोगों ने इस मामले की शिकायत नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी से की तो उन्होंने लिखित रूप से अवगत कराया है कि उन्होंने जनपद मथुरा के विशेषज्ञों से बात की है लोकसभा चुनाव के बाद धन की उपलब्धता के अनुसार बंदर पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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