रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । घरेलू रसोई गैस सिलिंडर के दामों में 29 रुपये की वृद्धि होने से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। पहले से महंगाई की मार झेल रहे परिवारों का कहना है कि गैस सिलिंडर महंगा होने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं, बीते कुछ समय में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी का असर बाजार में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर पहले ही दिखाई देने लगा है।
नगर के लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच गैस सिलिंडर के दामों में वृद्धि ने रसोई का खर्च और बढ़ा दिया है। घरेलू गैस का उपयोग करने वाले परिवारों को अब हर सिलिंडर पर अधिक रकम खर्च करनी पड़ेगी। इसका सीधा असर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ेगा। उधर, कॉमर्शियल गैस सिलिंडर महंगा होने के बाद होटल, ढाबा और चाय-नाश्ते की दुकानों ने भी खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ा दिए हैं। नगर में जो समोसा पहले पांच से सात रुपये में मिल जाता था, उसकी कीमत अब 10 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह 10 रुपये में मिलने वाली मोमोस की प्लेट अब 15 रुपये में बिक रही है। पेटीज, बर्गर, पाव भाजी, बड़ा पाव और अन्य खाद्य सामग्री के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गृहिणी मीनाक्षी दीक्षित, रेनू पोरवाल ने बताया कि रसोई का बजट पहले ही बिगड़ा हुआ है। आटा, दाल, तेल और सब्जियों के दाम बढ़ने के बाद अब गैस सिलिंडर महंगा होने से घर का खर्च संभालना और मुश्किल हो जाएगा। उनका कहना है कि एक सामान्य परिवार के लिए हर महीने खर्चों को संतुलित करना चुनौती बनता जा रहा है। वहीं युवा सुहेल, प्रतीककांत आदि ने बताया कि गैस सिलिंडर और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने का असर सीधे बाजार पर पड़ता है। होटल और फास्ट फूड की दुकानों पर खाद्य पदार्थ महंगे होने से युवाओं का खर्च भी बढ़ गया है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण लोगों को अपनी जरूरतों में कटौती करनी पड़ रही है।






