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रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today ।जालौन नगर की रामलीला महोत्सव 2026 में केवट संवाद, दशरथ मरण तथा भरत मिलाप की लीला का मंचन मुरलीमनोहर तालाब पर किया गया। जिसमें राम-केवट संवाद की लोगों ने सराहना की।
रामलीला महोत्सव के 174वें मंचन में सरयू नदी की लीला का मंचन मुरलीमनोहर तालाब पर किया गया। मंचन के दौरान राम-केवट संवाद में प्रभु राम को गंगा पार जाने के लिए नाव की जरूरत थी। तो केवट उनके चरणों को पखारने के लिए आतुर था। इसी संवाद का बैठे दर्शकों ने खूब आनंद उठाया। केवट द्वारा कहा गया ‘कुछक तुमऊ काले, कछुक हमऊ काले, आज खूबईं मिलाए दो काले-काले।’ इसी प्रसंग को लेकर राम व केवट के बीच जमकर तकरार होती रही। अंत में ‘सुन केवट के बैन, प्रेम लपेटे अटपटे, बहसै करूना अयन, चितय जानकी लखन तनय’ के साथ प्रभु राम केवट की जिद को स्वीकार कर अपने चरणों को स्पर्श करवाकर नाव से उस पार चले गए। इससे पूर्व, प्रभु राम ने मंत्री सुमंत को वहीं से वापस भेज दिया। जब सुमंत के अकेले वापिस आने की सूचना जैसे ही राजा दशरथ को मिली, उसी समय उन्होंने अपने प्राणों का त्याग कर दिया। यह दुखद समाचार सुनकर भरत और शत्रुघ्न अपने ननिहाल से अयोध्या आए और अपने बड़े भाई श्रीराम को न देखकर दुःख प्रकट करते हुए राम को मनाने के लिए चल दिए। रामलीला के मंचन में श्रीराम की भूमिका मनोज तिवारी, माता जानकी रामदूत तिवारी, लक्ष्मण शीपू पारासर, पायल रानी और श्याम का अभिनय दर्शकों को खूब भाया। लीला संचालन में समिति के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मंत्री पवन चतुर्वेदी, निदेशक प्रयाग गुरु, मंगल चतुर्वेदी, राजकुमार मिझौना आदि ने सहयोग किया।





