फाइलों का निस्तारण 3 कार्यदिवस में सुनिश्चित करने के निर्देश
कार्य में लापरवाही और अनावश्यक विलंब पर संबंधित अधिकारी होंगे सीधे व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी
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Lucknow University news। लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुदृढ़, पारदर्शी और तीव्र बनाने के उद्देश्य से ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली लागू की गई थी। इसके बावजूद फाइलों के निस्तारण में हो रही देरी को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी द्वारा इस विषय पर गंभीर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
कुलपति की दो-टूक चेतावनी:
जारी किए गए आधिकारिक आदेश पत्र के अनुसार, ई-ऑफिस के लागू होने के पश्चात भी अधीनस्थ अनुभागों में कर्मचारियों की कार्य के प्रति लापरवाही के कारण पत्रावलियां अधिक समय तक संबंधित पटल सहायक के पास अकारण लंबित रहती हैं।
अधिकतम तीन कार्यदिवस की समय-सीमा निर्धारित:
कुलपति प्रो श्री सैनी ने आदेशित किया है कि कुलपति कार्यालय अथवा किसी अन्य अनुभाग से पत्रावली प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी अधिकतम तीन कार्यदिवस (3 Working Days) के भीतर अपने स्तर से आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर उसे अनुमोदनार्थ पुनः कुलपति कार्यालय वापस भेजना सुनिश्चित करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुशासन और पारदर्शी गवर्नेंस के अंतर्गत पत्रावलियों के त्वरित निस्तारण में कोई शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
अधिकारियों का तय होगा व्यक्तिगत उत्तरदायित्व
आदेश में अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी प्रकार के अनावश्यक विलंब की स्थिति में संबंधित अधिकारी स्वयं व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।




