लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र बक्सी का तालाब थाना क्षेत्र में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब श्रद्धालुओं से भरी ट्रेक्टर ट्राली में ट्रक ने टक्कर मार दी। लोगों का कहना है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेक्टर ट्राली तालाब में पलट गई। इस घटना के बाद वहां चीख पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने ट्राली के नीचे दबे लोगों को निकालने का प्रयास के साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने गोताखोरों की मदद से लोगों को निकलवाया। खबरों के अनुसार इस घटना से 5 लोगो की दर्दनाक मौत हो गई जबकि कई अन्य बुरी तरह से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को उपचार के अस्पताल भिजवाया। बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुए लोग मुंडन संस्कार कराने जा रहे थे कि रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। वहीं चार शव बाहर निकाले गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार सीतापुर जनपद के अटरिया स्थित तिकौली गांव के चुन्नीलाल उर्फ चुन्नन के बेटे का मुंडन संस्कार था। नवरात्रि के पहले दिन इटौंजा के ऊनई देवी मंदिर में मुंडन होना था। इसके लिए पूरा परिवार रिश्तेदारों व परिचितों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर मंदिर जा रहा था। सुबह करीब 10 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली असनहा के गद्दीपुरवा गांव के पास पहुंची थी। इसी बीच बेहटा की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सीधे सड़क किनारे बड़े तालाब में जा गिरी। जिसमे 5 लोगो की दर्दनाक मौत हो गई।

ट्राली के नीचे फंसे लोग
हादसे की सूचना मिलते ही इटौंजा के प्रभारी निरीक्षक रवींद्र कुमार अपनी टीम के साथ पहुंच गये। ग्रामीणों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया। तीन शव बाहर निकाले गए हैं। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक हादसे की शिकार ट्राली तालाब मे गिरते ही सभी उसके नीचे दब गये। बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। किसी तरह पुलिस व ग्रामीणों ने ट्राली के नीचे से लोगों को बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अभी तक तीन शव मिले हैं। वहीं सात लोगों की तलाश की जा रही है। ट्रैक्टर-ट्रॉली को बाहर निकालने के लिए जेसीबी मंगाई गई है।

चीखों में बदल गया मंगलगान
ट्रॉली पर सवार होकर बेटे का मुंडन कराने नवरात्रि के पहले पूरा कुनबा जा रहा था। ट्राली पर सवार महिलाएं देवी गीत और मुंडन से जुड़े मंगलगीत गा रही थीं। सभी को आस थी कि अब मंदिर में पहुंचकर नवरात्रि के पहले दिन माता के दर्शन करेंगे। इसके बाद मुंडन संस्कार करायेंगे। मां की पूजा अर्चना करने के बाद प्रसाद ग्रहण कर घर पर शुभता का संदेश लेकर जाएंगे लेकिन सभी के मंगलगान पर ट्रक चालक की लापरवाही भारी पड़ गई। मंगलगीत अचानक चीखों में बदल गया। हर तरफ चीखपुकार मच गई।




