रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों पर निर्माण तिथि एवं उपयोग की अंतिम अवधि अंकित करना अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद नगर के अधिकांश मिठाई प्रतिष्ठानों, होटलों और रेस्टोरेंटों में इस नियम का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार दूध से तैयार उत्पादों और खुली मिठाइयों को बिक्री के लिए प्रदर्शित करते समय उन पर निर्माण तिथि और उपभोग की अंतिम तिथि स्पष्ट रूप से लिखी जानी चाहिए। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को ताजा और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। नगर निवासी मनीष परिहार, रुद्र कुमार, प्रखर श्रीवास्तव ध्रुव साहू आदि ने बताया कि नियम लागू होने के शुरुआती दिनों में कुछ दुकानदारों ने मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और उपयोग अवधि लिखना शुरू किया था, लेकिन समय बीतने के साथ अधिकांश दुकानों से यह व्यवस्था गायब हो गई। वर्तमान में कई प्रतिष्ठानों पर बिना किसी जानकारी के मिठाइयां और दुग्ध उत्पाद बेचे जा रहे हैं। गर्मी के मौसम में खाद्य पदार्थ जल्दी खराब होने की आशंका रहती है। ऐसे में बिना तिथि अंकित किए खाद्य सामग्री की बिक्री उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकती है। नगर के लोगों ने डीएम से इस मामले में जांच कराते हुए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।






