(रिपोर्ट : बबलू सेंगर)

Jalaun news today। उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के नगर जालौन में फर्जी तरीके से चैकों के माध्यम से दो करोड़ 38 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करने एवं पुत्र व पत्नी के होते हुए वसीयत अपने नाम कराने तथा अपराध को छिपाने के लिए वृद्धा के पति को दवा में कोई जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाते हुए वृद्धा ने न्यायालय में शिकायत की थी। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
हमारे स्थानीय सहयोगी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौधरयाना निवासी सुरेखा आकटे (73) बेवा सखाराम आकटे ने न्यायालय को बताया था कि उनके पति सखाराम की तबियत खराब थी। उसके इकलौता पुत्र सुनील है। उस समय उनके पड़ोस में रहने वाले भानुप्रकाश उर्फ उदयभान, रानी पत्नी भानुप्रकाश, ओमप्रकाश, महेश कुमार व श्रीकृष्ण निवासी नई बस्ती समथर ने इलाज कराने में सहयोग करके उन पर विश्वास जमा लिया। पति को अपनी कुछ अचल संपत्ति बेचनी थी। जिसे उक्त लोगों ने औने पौने दामों में बिकवा दिया। उस पर किए गए विश्वास का फायदा उठाकर उक्त लोगों ने पति बैंक की चैक चोरी कर ली और चोरी गई चैकों में कुछ हस्ताक्षरित चैकें भी थीं। चैकों के माध्यम से भानुप्रताप ने 19 अप्रैल 2023 से 19 मई 2023 के मध्य पति के खाते से दो करोड़ 38 लाख रुपये अपने खाते में जमा कर लिए। इतना ही नहीं पत्नी व पुत्र के होते हुए संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से पति के नाम कूटरचित वसीयत तैयार करा ली। पत्नी ने आरोप लगाया कि अपराध को छिपाने के उद्देश्य से उन्होंने 19 मई 2023 को पति को दवा में कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। जिससे उनकी मृत्यु को गई। पति के मृत्यु के बाद वह अंतिम क्रिया कर्म करने के लिए इंदौर चली गई थी। वहां से वापस लौटने पर रुपयों की जरूरत पड़ने पर जब वह बैंक गई तो उसे उक्त मामले की जानकारी हुई। पीड़िता ने बताया कि उसने इसकी शिकायत कोतवाली में भी की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद एसपी के यहां शिकायत करने पर विपक्षी के खाते के संचालन पर तो रोक लगा दी गई। लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। जिसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। उक्त संदर्भ में कोतवाल विमलेश कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करेगी।






